अंधाधुंध फायरिंग में दो लोग जख्मी हो गए। उधर, ग्रामीणों को एकजुट होते देख डकैत नकदी, जेवर समेत हजारों रुपये का माल लेकर भाग निकले। गोली लगने से जख्मी लोगों को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
महिमापुर गांव निवासी गुरुचरन व उसका भाई मन्नालाल गांव के बाहर मकान बनाकर परिवार समेत रहते हैं। रात को ये लोग अपने घरों में सो रहे थे। इसी बीच करीब एक बजे लगभग 12 डकैत गुरुचरन के घर घुस गए।
डकैतों ने गुरुचरन व उसकी पत्नी विंदेश्वरी को निशाने पर ले लिया। बंदूक के बल पर बदमाशों ने उसके घर से दो हजार की नगदी, जेवर सहित लगभग दस हजार का माल लूट लिया। गुरुचरन के यहां वारदात अंजाम देने के बाद कुछ बदमाश उसके भाई मन्नालाल के घर में घुस गए।
यहां डकैतों ने घर के लोगों को बंदूक के निशाने पर लिया तो मन्नालाल के बेटे सूरज (19) ने विरोध किया और वह बदमाशों से भिड़ गया। बदमाशों ने सूरज के सीने में गोली मार दी। मन्नालाल व उसका भतीजा संजय भी बदमाशों से उलझ गया।
ये देख डकैतों ने दोनों पर भी फायर झोंक दिए। गोली लगने से सूरज, मन्नालाल व संजय बेसुध होकर वहीं गिर गए। ग्रामीणों के शोर मचाने पर डकैत फायरिंग करते हुए भाग निकले।
इसके बाद आननफानन में तीनों घायलों को पहले सीएचसी बिसवां फिर लखनऊ ले जाया गया, जहां सूरज ने दम तोड़ दिया। मन्नालाल व संजय की हालत अब खतरे से बाहर है।
खबर पाकर रविवार सुबह एसपी कवींद्र प्रताप सिंह, सीओ बिसवां दीपेंद्र नाथ चौधरी व डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचा। एसपी का कहना है कि मामले में केस दर्ज कर बदमाशों का पता लगाया जाएगा।