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बाढ़ में डूबकर युवक की मौत

Sun, 24 Jul 2016 10:45 PM IST
Amarujala Bureau
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घाघरा नदी से कटान
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गांजर के बाढ़ग्रस्त इलाके में तबाही तेज हो गई है। रेउसा क्षेत्र में बाढ़ के पानी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। वह खेत देखने गया था। उधर, घाघरा ने चंद्रभालपुरवा को पूरी तरह से निगल लिया है। दूसरी तरफ निर्मल पुरवा के दस घर कटान की भेंट चढ़े हैं।
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बाढ़ग्रस्त सात गांवों में घाघरा कटान कर रही है। बाढ़ग्रस्त इलाके में फंसे लोगों ने लोधपुरवा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर डेरा डालना शुरू कर दिया है। एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, न तो बाढ़ का कहर कम हो रहा है और न ही प्रशासन की कोई मदद मिल रही है। उधर, बैराजों से सवा तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, इससे क्षेत्र की हालात और खराब हो रहे हैं। 

रेउसा के बसंतापुरवा निवासी रामू (35) गांव के बाहर खेतों की फसल देखने निकला था। खेत के निकट निकले नाले को वह नहीं भांप सका। नाले में डूबने से उसकी मौत हो गई। रविवार सुबह गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर उसका शव उतराता मिला।
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चंद्रभाल पुरवा में कटान तेज होने से गांव के भगौती, सुरेंद्र, देवराज, रामनाथ, बेचेलाल, शत्रोहन आदि ग्रामीण घरेलू सामान बटोर कर वहां से निकल लिए। रात के किसी पहर में चंद्रभाल पुरवा कटान के कारण घाघरा में समा गया। बेघर हुए बाढ़ पीड़ितों ने क्षेत्र के लोधपुरवा पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर डेरा डाल लिया है।

निर्मल पुरवा में दुआदीन, बैजल, भाई लाल, रंजीत, राजेंद्र, राजेश, बांकेलाल, राम नरेश, पेशकार, रामलखन आदि के 10 घर कटान में समा गए हैं। बाढ़ का पानी क्षेत्र के कोनी, निर्मल पुरवा, रामलाल पुरवा, गार्गी पुरवा, लोधन पुरवा, पासिन पुरवा, परमेश्वरदीन पुरवा के निकट कटान कर रहा है। इससे इन गांवों के लोग भी सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भटक रहे हैं।

फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किए हैं। टापू पर बसे पचीसा गांव का भी बुरा हाल है, यहां भी बाढ़ व कटान का कहर है। करीब तीन सौ परिवार जिंदगी व मौत के बीच जूझ रहे हैं।

रामपुर मथुरा क्षेत्र में अंगरौरा, कनरखी, शुक्लपुरवा गांवों में घाघरा नदी कटान कर रही है। क्षेत्र के 42 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। उनमें जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। उधर शारदा व घाघरा बैराजों से रविवार को 318635 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 
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