यूपी के सीतापुर में थानगांव थाना क्षेत्र के खरेहटी ग्वारी गांव स्थित एक गुड़बेल के क्रेशर में मंगलवार रात एक किशोर दब गया। क्रेशर में दबने से किशोर की मौत हो गई। आरोप है कि किशोर की मौत के बाद संचालक किशोर का शव बोरे में भरकर उसके घर के बाहर छोड़ गए।
मामला भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी के पास पहुंचा तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर एसएचओ की क्लास लगा दी। इसके बाद पुलिस ने किशोर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। थानाध्यक्ष चंद्र उमेश चौरसिया ने बताया कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
इलाके के खरेहटी ग्वारी गांव निवासी विकास तिवारी (15) अपने पिता विनीत तिवारी के साथ हलीमनगर - रेउसा सड़क पर तरसेवरा में स्थित मौलाना जहीर के क्रेशर पर काम करते हैं। मंगलवार रात करीब 2 बजे विकास क्रेशर में फंस गया। क्रेशर में दबकर विकास की मौके पर मौत हो गई।
दरवाजे पर शव छोड़कर चले गए
मृतक के पिता का आरोप है कि विकास का शव बोरी में भरकर क्रेशर संचालक रात में ही उनके घर के बाहर दरवाजे पर छोड़कर चले गए। बुधवार सुबह सूचना पर आए क्षेत्रीय विधायक ज्ञान तिवारी ने परिजनों को सांत्वना दी।
इसके साथ ही विधायक ने इंस्पेक्टर थानगांव उमेश चन्द्र चौरसिया से कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पिता विनीत तिवारी ने क्रेशर संचालक रेउसा इलाके के कोठार गांव निवासी जहीर के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मृतक था इकलौता पुत्र, पिता हुए बेहोश
पिता विनीत ने बताया कि रात दो बजे विकास अचानक क्रेशर में फंस गया। उसमें दबकर उसकी आंखों के सामने ही मौत हो गई। इस घटना को देखकर वह बेहोश हो गए। इसके बाद संचालकों ने विकास के शव को उनके घर के बाहर बोरे में भरकर छोड़ दिया। उन्होंने संचालकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, नाबालिग से काम कराने के मामले में भी कार्रवाई हो सकती है।