सीतापुर। महिलाओं को हुनरमंद बनाने के लिए खादी ग्रामोद्योग विभाग की ओर से चलाए जा रहे प्रशिक्षण में ही मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नैपालापुर पंचायत भवन में महिलाओं को कुर्सियों के बजाय दरी पर बैठाकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एक ही हाल में ब्यूटी पार्लर और दर्जी ट्रेड की कक्षाएं चल रही हैं। इतना ही नहीं, सोमवार को प्रशिक्षण केंद्र तय समय से पहले ही बंद मिला।
खैराबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत नैपालापुर के पंचायत भवन में एक अगस्त से महिलाओं को ब्यूटी पार्लर और दर्जी ट्रेड का 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण 16 अगस्त तक चलना है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार प्रशिक्षण स्थल पर महिलाओं के बैठने के लिए कुर्सी समेत जरूरी व्यवस्थाएं की जानी हैं। मौके पर इन व्यवस्थाओं का अभाव मिला। महिलाएं दरी पर बैठकर प्रशिक्षण लेती मिलीं।
गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका
दोनों ट्रेड का प्रशिक्षण एक ही हाल में आसपास चलाया जा रहा है। इससे प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को असुविधा होने के साथ ही इसकी गुणवत्ता भी प्रभावित होने की आशंका है। प्रत्येक ट्रेड में 25-25 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके बावजूद आठ अगस्त को सुबह करीब 11 बजे दोनों ट्रेडों में कुल 50 के सापेक्ष केवल 15 महिलाएं ही मौजूद थीं।
तीन बजे ही बंद मिला केंद्र
सोमवार को प्रशिक्षण केंद्र की स्थिति और अधिक चौंकाने वाली मिली। शाम करीब तीन बजे केंद्र बंद था। प्रशिक्षण का निर्धारित समय क्या है और केंद्र किस समय तक खुलना चाहिए, इस संबंध में भी जिम्मेदार स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके।
जिम्मेदार अधिकारी को नहीं पता कितने केंद्र चल रहे
जिले में खादी ग्रामोद्योग विभाग के कितने प्रशिक्षण केंद्र संचालित हो रहे हैं, वे कहां-कहां चल रहे हैं और इनमें कितनी महिलाएं प्रशिक्षण ले रही हैं, इसकी जानकारी जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी जगदीश के पास भी नहीं थी। केंद्र संचालक राहुल वर्मा से प्रशिक्षण की गाइडलाइन और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने जानकारी देने में आनाकानी की। उन्होंने कहा कि जानकारी के लिए लखनऊ आइये।
जवाबदेही पर उठे सवाल
प्रशिक्षण में तय मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं न होने और केंद्र के समय से पहले बंद मिलने से विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण कौन कर रहा है और महिलाओं को दिए जा रहे प्रशिक्षण की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर हो रही है।
केंद्र पर अव्यवस्थाएं