आम जन का जिले के आला अधिकारियों से मिलना कितना मुश्किल है, इसका प्रमाण सोमवार शाम को कलेक्ट्रेट परिसर में देखने को मिला। घंटों इंतजार के बाद भी एक महिला जब डीएम से नहीं मिल सकी तो थक हारकर उसने जहर खा लिया।
थोड़ी ही देर में वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगी। जब कलेक्ट्रेट कर्मियों की नजर उस पर गई तो अफरातफरी मच गई। आननफानन में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। उसका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद प्रशासन जागा। सिटी मजिस्ट्रेट ने अस्पताल पहुंचकर महिला का हाल जाना।
मानपुर थाना इलाके के महराजनगर निवासी मैना पत्नी राजेंद्र ने 2013 में नसबंदी कराई थी। बावजूद इसके महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। नसबंदी फेल होने पर महिला ने डीएम, सीएमओ समेत उच्चाधिकारियों से शिकायत की, मगर उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई।
सोमवार को महिला मैना जिलाधिकारी के पास फरियाद लेकर गई थी। पर घंटों इंतजार के बाद भी डीएम से उसकी मुलाकात नहीं हो पाई। इससे क्षुब्ध महिला ने कलेक्ट्रेट परिसर में जहर खा लिया। वहां से निकल रहे एक कर्मी ने महिला को तड़पते देखा।
आननफानन में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना अधिकारियों को दी गई। खबर मिलते ही अधिकारी भी सकते में आ गए। सिटी मजिस्ट्रेट जीपी गुप्ता ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता का हाल जाना। उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया।