पिसावां/ रामकोट(सीतापुर)। झोलाछाप के इलाज के बाद एक बुखार पीड़ित महिला की शुक्रवार को मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। उन्होंने पुलिस पर झोलाछाप पर कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया। प्रदर्शन के दौरान दोनों तरफ सड़क पर लंबा जाम लग गया।
रामकोट निवासी कमलेश्वरी (40) वर्ष को बुधवार तेज बुखार आया था। परिजन बीहट गौर गांव में ही स्थित झोलाछाप के क्लीनिक पर ले गए। जहां उन्होंने दो दिन में ग्लूकोज की 13 बोतल चढ़ाते हुए इंजेक्शन भी लगाए। इसके बाद महिला के शरीर पर छाले निकल आए। तबियत अधिक बिगडऩे पर उसे जवाब दे दिया गया। बृहस्पतिवार की शाम परिजन महिला के उरदौली के प्राइवेट अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने गलत इलाज का आरोप लगाते हुए रामकोट थाने पर लिखित शिकायत की। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया। पुलिस द्वारा झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने से नाराज परिजनों ने शुक्रवार पीएम के बाद आए शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। आरोपी झोलाछाप पर कार्रवाई की मांग की। कुछ देर बाद मौके पर सीओ अमन सिंह व रामकोट थाना प्रभारी सुरेश कुमार पटेल ने पहुंचकर मामला शांत करवाया।