जनपद न्यायाधीश निसामुद्दीन ने पत्नी की हत्या के आरोप में पति को दोषी ठहराया है। उसे आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही उस पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष के आरोप के मुताबिक दोषी विनोद का गांव के ही एक व्यक्ति की पत्नी से नाजायज संबंध था। इसीलिए उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता रघुवीर यादव ने की।
महोली के हसनापुर निवासी विनोद ने एक जुलाई 2010 की शाम नौ बजे अपनी पत्नी रामगुनी की हत्या कर दी थी। रामगुनी के भाई चेतराम वर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए घटना के पीछे विनोद के किसी अन्य महिला से अवैध संबंधों का होना बताया था।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 साक्षियों व बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत तीन साक्षियों को पेश किया गया। साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने विनोद को दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं गिरफ्तारी के वक्त विनोद के पास से बरामद अवैध असलहे के मामले में भी उसे दो वर्ष के कारावास व एक हजार अर्थदंड की सजा दी गई है।