सीतापुर। कृषि विज्ञान केंद्र कटिया में बृहस्पतिवार को अनुसूचित जाति के किसानों और कृषक महिलाओं के लिए श्रीअन्न (मिलेट्स) उत्पादन तकनीकों पर कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम व गोष्ठी का आयोजन हुआ। यह भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान हैदराबाद के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। मृदा वैज्ञानिक सचिन प्रताप तोमर ने बताया कि जलवायु परिवर्तन एवं स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से मोटे अनाजों की खेती एवं उनका मूल्य संवर्धन किसानों की आजीविका बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। केंद्र के प्रसार वैज्ञानिक शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीण महिलाएं मोटे अनाजों के विभिन्न व्यंजन-बाजरा व मक्का के लड्डू, मिलेट कतली, मिलेट बिस्किट, मक्का के पकौड़े, सावां व काकुन के भात, ज्वार व बाजरा के चौसेला, मक्का के लड्डू इत्यादि तैयार कर उद्यमी बन सकती हैं। वैज्ञानिक डॉ. शिशिर कांत सिंह ने कहा कि कृषक उत्पादक संगठनों के माध्यम से मोटे अनाजों की खेती, उनके बीज उत्पादन एवं प्रसंस्करण उत्पादों के मूल्य संवर्धन निर्माण पर प्रयास किए जा रहे हैं।