किसानों के लिए यह खबर अच्छी है। खेती-किसानी के लिए उन्हें अब मानसून की निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मानसून आने में देरी के बाद भी वो बेहतर तरीके से खेती-किसानी कर सकेंगे। यह संभव होगा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से। इस योजना से अब गांवों के हर खेत में पानी पहुंचाया जाएगा।
इसके लिए वहां पर योजना में ड्रेनें खुदवाई जाएंगी। साथ ही खेतों में ट्यूबवेल भी लगवाए जाएंगे। योजना में 1944.767 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शासन के फरमान पर कृषि विभाग ने डीपीआर कर उसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना शुरू की है।
इसके जरिए किसानों के खेतों में पानी पहुंचाने के लिए गांवों में नए ड्रेनें खुदवाई जाएंगी। यही नहीं किसानों के खेतों में ट्यूबवेल भी लगवाए जाएंगे। जिसका मुख्य मकसद ग्राम स्तर पर, जिला स्तर पर एवं राज्य स्तर पर सिंचाई योजना तैयार कर हर खेत तक जल पहुंचाना, कृषि योग्य भूमि का विस्तार करना हैं।
योजना अंतर्गत ग्राम स्तर तक सिंचाई क्षेत्र में निवेश को बढ़ाकर हर खेत को पानी उपलब्ध कराना तथा जल का प्रबंधन करना हैं। सीतापुर जनपद को भी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल किया गया है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक प्रसार विनोद कुमार यादव बताते हैं कि योजना के तहत जनपद में किसानों के खेतों में पानी पहुुंचाने के लिए नई ड्रेनें खुदवाई जाएंगी। साथ ही नए ट्यूबवेल भी स्थापित किए जाएंगे।
इसके लिए साढ़े उन्नीस अरब की कार्य योजना तैयार की गई है। इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द यहां के किसानों को बेहतर सिंचाई सहूलियतें मिलने लगेंगी।
उद्यान विभाग को मिले 22 लाख
प्रधानमंत्री कृषि योजना में केन्द्र व प्रदेश के कई विभाग मिलकर कार्य करेंगे। उद्यान विभाग को सिंचाई जल का प्रभावी इस्तेमाल करने के काम में लगाया गया हैं। इसके तहत पर ड्राप मोर ड्राप कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसको लेकर शासन ने उद्यान विभाग को 22 लाख का बजट आवंटित किया हैं। उद्यान अधिकारी विनय यादव ने बताया इस धन को सिंचाई योजना के कार्य में लगाया जाएगा।