जहांगीराबाद। गर्मी में सूख रहे गले को तर करने का जहांगीराबाद चौराहे पर कोई इंतजाम नहीं है। यहां लगा एकमात्र वाटर कूलर बीते एक साल से खराब पड़ा है। चौराहे के साथ ही आसपास के इलाकों में ढूंढने पर भी कोई भी इंडिया मार्का हैंडपंप तक नजर नहीं आता है। सीतापुर-बहराइच मुख्य मार्ग होने व कस्बे में तीन बैंक शाखाएं व निजी अस्पताल समेत कई संस्थान संचालित हैं। इस कारण हर दिन काफी संख्या में लोगों का आवागमन यहां बना रहता है। ऐसे में पेयजल संसाधन के अभाव में लोगों को बोतल बंद पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझाना पड़ रही है।
सीतापुर-बहराइच मुख्य मार्ग के किनारे बसा जहांगीराबाद कस्बा आसपास के अधिकांश गांवों का सेंटर पॉइंट है। यहां से प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों का लखनऊ, महमूदाबाद, सीतापुर, दिल्ली, बहराइच, रेउसा व तंबौर आदि आना-जाना रहता है। यहां तीन बैंक शाखाएं, स्कूल व निजी अस्पताल समेत कई ऐसे संस्थान भी हैं जहां रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना रहता है। इन दिनों भयंकर गर्मी पड़ रही है ऐसे में यहां पीने के पानी का संकट उत्पन्न हो गया है। इसकी वजह चौराहे के आसपास कोई भी इंडिया मार्का हैंडपंप नहीं लगा होना है।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के सामने लगा वाटर कूलर भी एक साल से खराब है। कस्बे के चौराहे पर पेयजल संसाधनों के अभाव में प्यास बुझाने के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। ऐसे में तमाम लोग पानी की बोतल खरीदने को मजबूर होते हैं। प्रधान प्रतिनिधि मुनीर अहमद अंसारी कहते हैं कि यह समस्या मेरी जानकारी में हैं। जल्द ही पेयजल की व्यवस्था कराई जाएगी।
हैंडपंप लगवाए जाने की मांग
जहांगीराबाद के रामू नाग व दिनेश कुमार ने बताया कि बिसवां से रेउसा के बीच यह प्रमुख कस्बा है। इसके बावजूद एक भी हैंडपंप न लगा होना समझ से परे है। राजेश जायसवाल व उत्तम कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि काफी समय पहले जिला सहकारी बैंक के निकट एक इंडिया मार्का हैंडपंप लगा था। खराब होने पर उसे ग्राम पंचायत ने उखड़वा लिया, इसके बाद से चौराहे पर कहीं कोई हैंडपंप नहीं लगवाया गया। वाटर कूलर भी खराब पड़ा है। सुरेंद्र कुमार, डॉ. श्याम किशोर वर्मा व मो. फहीम आदि ने पेयजल समस्या देखते हुए चौराहे पर एक हैंडपंप लगवाए जाने की मांग उठाई है।
जगह मिलते ही लगवाया जाएगा हैंडपंप
जहांगीराबाद चौराहे पर जगह मिलते ही जल्द नया हैंडपंप लगवा कर पेयजल की समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। बैंक के सामने लगे वाटर कूलर की बोरिंग से बालू आने लगी थी, जिससे फिल्टर खराब हो गए हैं। इसके अलावा बिजली की समस्या भी बनी रहती है।
शैलेंद्र कुमार भार्गव, ग्राम विकास अधिकारी