गांजरी क्षेत्र में शारदा का जलस्तर घट रहा है। इससे लहरपुर क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों ने राहत की सांस ली है, लेकिन घाघरा का जलस्तर निरंतर बढ़ता ही जा रहा है। नदी का पानी अब तटीय इलाकों में आगे बढ़ने को बेताब सा नजर आ रहा है।
घाघरा से सटे नालों में पानी चलने लगा। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बचाव दल रेउसा कस्बा पहुंच गया। शनिवार को शारदा व घाघरा बैराजों से 1,25,850 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे घाघरा नदी के जलस्तर में और भी बढ़ोतरी होने के आसार नजर आ रहे हैं।
घाघरा नदी के उफनाने से कोनी व निर्मल पुरवा गांव में तटीय क्षेत्र में बसने वाले परिवारों ने घर खाली कर सुरक्षित ठिकानों का रुख कर लिया है। कुछ ऐसा ही हाल श्रीराम पुरवा का है, जहां पर अब तक 40 घर कटकर नदी की भेंट चढ़ गए हैं। जबकि अन्य परिवार घरों को खाली कर सुरक्षित ठिकानों पर जा रहे हैं।
सिसैया बाजार में घाघरा नदी जबरदस्त तरीके से कटान कर रही है। चंद्रभाल पुरवा, जैतहिया आदि गांवों में भी नदी कहर बरपा रही है। नदी का रौद्र रूप देखकर तटीय क्षेत्र में बसने वाले परिवारों की धड़कने तेज होती जा रही हैं। उधर, रामपुर मथुरा क्षेत्र में शुक्लनपुरवा, अंगरौरा, नया पुरवा, कनरखी आदि गांवों के निकट शारदा उफान मार रही है।
इन गांवों में भी बाढ़ के भय से लोग भयभीत हैं। शनिवार को पीएसी का एक बचाव दल रेउसा कस्बा पहुंचा है। इस टीम को देखने के बाद जहां लोगों में मदद मिलने की उम्मीद जागी है, वहीं बाढ़ का खतरा बढ़ने का अंदाजा लगाया जा रहा है। इधर शारदा नदी के बाढ़ का पानी नदी में खिसक गया है। सोंसरी व उसके आसपास गांवों में आई बाढ़ अब नदी में सिमट गई है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है।