बारिश व बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी की वजह से घाघरा व शारदा नदियां उफान पर हैं। शनिवार को रामपुर मथुरा और रेउसा में शारदा व घाघरा की चपेट में आकर सात घर व आठ बीघा खेती योग्य भूमि नदी में बह गई। वहीं रेउसा के रामलाल पुरवा व कटैलापुरवा गांवाें में बाढ़ का पानी घुस गया।
इस क्षेत्र के 26 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पानी बढ़ने से घाघरा के बीच बसे पचीसा टापू पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। लहरपुर क्षेत्र में सोंसरी के निकट बने कई स्टड शारदा नदी की धार में बह गए हैं। रामपुर मथुरा क्षेत्र में एक घर घाघरा में बह गया है। उधर, बैराजों से ढाई लाख क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। इससे स्थिति और बिगड़ने का अंदाजा लगाया जा रहा है।
रेउसा के काशीपुर इलाके में शारदा नदी तेजी से कटान कर रही है। इस क्षेत्र के पासिनपुरवा में पैकरमा व राम जनक, परमेश्वर पुरवा निवासी पतिराम, कुबेर व धनीराम के घर नदी में बह गए। गांव के लालजी की एक बीघा खेती, निर्मल की तीन बीघा खेती व फौजदार की एक बीघा खेती, खुशीराम पुरवा के कमलेश की तीन बीघा धान की फसल कटकर शारदा नदी में बह गई है।
घाघरा के किनारे बसे पासिनपुरवा गांव में मैकू का घर कट गया है। खुशीराम पुरवा के हरिश्चंद्र, सर्वेश, प्यारेलाल, चक्करदीन, कैलाश, सुंदर, कमलेश, बलराम आदि ने जंगल टपरी में शरण ले रखी है। आशियाना कटने से परेशान लोगों ने सड़कों पर डेरा डाल लिया है। रामलालपुरवा व कटैला पुरवा गांव में घाघरा का पानी घुस गया है।
कोनी, दुर्गापुरवा, गोड़ियन पुरवा, रामलाल पुरवा आदि गांवों में भी घाघरा कटान कर रही है। पचीसा टापू पर घाघरा का पानी बढ़ रहा है। पचीसा गांव के खुशीराम, प्रमोद, सुरेश, सुनील ने तटीय इलाके से अपने आशियानों को समेट लिया है। इस क्षेत्र के 26 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। लहरपुर में सोंसरी के निकट शारदा नदी उफान पर है।
सोंसरी गांव के निकट बनाए गए स्टड धार में बह गए हैं। चार स्टड बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। रामपुर मथुरा क्षेत्र पंडित पुरवा में श्रीराम का घर कटकर घाघरा नदी में बह गया है। घाघरा की तलहटी में लगी मेंथा फसल पानी भरने से नष्ट हो रही है।