सीतापुर। कांशीराम कॉलोनी निवासी उपेंद्र पांडेय के घर में शनिवार सुबह खाना नहीं बना। क्योंकि घर में पानी नहीं था। उपेंद्र के भाई लोग सुबह आठ बजे भूखे पेट ही काम पर निकल गए। उपेंद्र करीब नौ बजे आधा किलोमीटर दूर चलकर बाल्टी में पानी भरकर लाए। चार मंजिला भवन पर सीढ़ी से चढ़कर पहुंचे तो हांफने लगे। उसके बाद ही घर में खाना बनना शुरू हुआ। उपेंद्र ही नहीं बल्कि कांशीराम कॉलोनी में रहने वाले 200 से अधिक परिवार एक सप्ताह से इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं। सात दिनों से कांशीराम कॉलोनी में पेयजल संकट बना हुआ है।
नगरपालिका की तरफ से यहां पर पानी की सप्लाई की जाती है। 87 नंबर ब्लॉक के सामने लगे ट्यूबवेल के सहारे यहां के लोगों की पानी की जरूरतें पूरी होती हैं। एक सप्ताह पहले अचानक पेयजल सप्लाई लाइन में दिक्कत आ गई। उसके बाद से इस ट्यूबवेल से जुड़े ब्लॉकों में पानी की सप्लाई ठप हो गई है। लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
कॉलोनी में लगे हैंडपंप भी मौके पर दगा दे गए हैं। इन हैंडपंपों में दूषित पानी आ रहा है। इससे लोगों की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही है। वह करीब आधा किलोमीटर दूर काली माता मंदिर के पास लगे हैंडपंप से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं। कांशीराम कॉलोनी चार मंजिला बनी हुई है। इससे लोगों को पानी लेकर ऊपर चढऩा बहुत ही मुश्किल हो रहा है। इससे वह बेहद परेशान हैं।
अब मिली है जानकारी, पाइपलाइन में है दिक्कत
इस ट्यूबवेल के खराब होने की जानकारी मिली है। पाइप लाइन में दिक्कत है। इसे सही करवाया जा रहा है।
सौम्या मिश्रा, जलकल अभियंता, नगरपालिका