सीतापुर। शहर में ''पियो प्योर जिओ श्योर'' की पंच लाइन के साथ लगाए गए वॉटर वेडिंग एटीएम लोहे का डिब्बा बनकर रह गए हैं। करीब 36 लाख की लागत से लगाए गए ये वॉटर एटीएम मुंह चिढ़ा रहे हैं। एक रुपये में मिनरल पानी की सुविधा प्रदान करने के लिए लगाए गए एटीएम से अब एक बूंद पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं, एक बार फिर गर्मी का सीजन शुरू होते ही शहर में पेयजल की किल्लत बढ़ने लगी है। एक बार फिर लोग ठंडा पानी महंगे दाम पर खरीदने को मजबूर होंगे।
वर्ष 2016-17 में स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में चार वॉटर वेंडिग एटीएम लगाए गए थे। एक वॉटर एटीएम लगभग नौ लाख रुपये की लागत से लगाया गया था। इस एटीएम से एक रुपये में फिल्टर्ड पानी मुहैया कराया जाना था। एक रुपये का सिक्का डालने पर वॉटम एटीएम से शुद्घ आरओ का पानी मिलता था। इसके लिए बर्तन अथवा बोतल पानी लेने वाले को लानी पड़ती थी। शहर के जीआईसी चौराहा, लालबाग चौराहा, जिला अस्पताल चौराहा और कलेक्ट्रेट में यह वॉटर एटीएम लगाए गए थे। एटीएम लगने के बाद कुछ दिन चले, फिर देखरेख के अभाव में बंद हो गए। इसके बाद से वॉटर एटीएम सूखे पड़े हैं। इन सभी स्थानों पर रोजाना सैकड़ों लोगों का अवागमन रहता है। एक बार फिर गर्मी का सीजन आ गया। मगर इन वॉटर एटीम को चालू करना जरुरी नहीं समझा जा रहा है।
कुछ दिन मिली सुविधा, पेयजल के लिए करनी पड़ती मशक्कत
शहर में जिला अस्पताल चौराहे पर दुकान चलाने वाले संदीप बताते हैं कि लगने के बाद कुछ दिन ही वॉटर एटीएम से पानी निकला। इसके बाद एटीएम बंद हो गए। फिर आज तक शुरू नहीं हो पाए हैं। जीआईसी चौराहे पर ठेला लगाने वाले शिव प्रकाश ने बताया कि जब वॉटर एटीएम लगा था तो सभी दुकानदार व ठेला वाले खुश हो गए थे कि एक रुपये में शुद्घ व ठंडा पानी मिलेगा। लेकिन यह सुविधा कुछ दिन तक ही मिली। शिव प्रकाश बताते हैं, कि यहां आसपास कोई हैंडपंप नहीं लगा होने से गर्मी में पेयजल के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ती है। राहगीर भी परेशान होते हैं।
वॉटर एटीएम पर चिपकते हैं पर्चे व पोस्टर
शहर में लाखों की लागत से लगाए गए वाटर एटीएम से लोगों को पानी भले नहीं मिल पा रहा हो, लेकिन अन्य कई तरह की जानकारियां जरूर मिल रही हैं। दरअसल, यह वॉटर एटीएम प्रचार का जरिया बना लिए गए हैं। इन पर पर्चे व पोस्टर चिपकाए जा रहे हैं। लालबाग चौराहे पर लगा वॉटर एटीएम तो सड़क से नजर तक नहीं आता है, होर्डिंग के पीछे छिप गया है। जीआईसी चौराहे व अस्पताल चौराहे पर लगे एटीएम पर पर्चे व पोस्टर चिपके नजर आते हैं।
वॉटर एटीएम का मेंटीनेंस खर्च काफी ज्यादा है। शहर में पेयजल की समस्या न होने पाए इसके लिए वाटर कूलर लगवाए गए हैं। व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे।
- वैभव त्रिपाठी, ईओ नपा सीतापुर