सीतापुर। कृषि आजीविका सखियों का प्रशिक्षण बीते माह शुरू हुआ था। इस दौरान प्रशिक्षण देने वाली संस्था पर गड़बड़ी बरतने का आरोप लगा था। शिकायत के बाद मामले की जांच करने के साथ ही प्रशिक्षण कार्य भी रोक दिया गया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद संस्था को चेतावनी दी गई है कि यदि पुन: काम काज में गड़बड़ी मिली तो प्रशिक्षण का कार्य किसी दूसरी संस्था को सौंप दिया जाएगा।
मिट्टी की सेहत के साथ किसानों की आर्थिक सेहत को सुधारने के लिए शासन ने कृषि सखियों का चयन और उन्हें प्रशिक्षण देकर किसानों उत्कृष्ट कार्य करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए कृषि सखियों का बीते वित्तीय वर्ष में चयन किया गया था। इन्हें प्रशिक्षण देने के लिए शासन ने उद्यमिता विकास संस्थान को जिम्मेदारी सौंपी थी। 16 अप्रैल तक छह बैच का प्रशिक्षण आयोजित किया गया था।
छठे बैच की कृषि सखियाें ने प्रशिक्षण में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाया था। इसके बाद प्रशिक्षण स्थगित कर मामले की जांच कराई गई। उपायुक्त स्वत: रोजगार ने चार बैच के बचे और आयोजित प्रशिक्षण में शेष प्रतिभागियों का प्रशिक्षण सशर्त कराने का निर्देश संस्था को दिया है।
निर्देश दिया है कि यदि भविष्य में अनियमितता पाई जाती है तो कृषि आजीविका सखियों के प्रशिक्षण लक्ष्य किसी दूसरे संस्थान को आवंटित करने के लिए मिशन निदेशक को सूचित किया जाएगा। जिला मिशन प्रबंधक अमरजीत सिंह ने बताया कि संस्था को मई के अंत तक प्रशिक्षण कराना है।