रेउसा उच्च प्राथमिक विद्यालय में करीब सात लाख की लागत से दो अतिरिक्त
कक्षा कक्ष बनाएं जा रहे है। जानकारों का कहना है नींव की गहराई साढ़े तीन
फुट होनी चाहिए। इससे भवन को मजबूती मिलती है। लेकिन निर्माण प्रभारी इसको
दरकिनार कर रहे है।
बगैर नींव खुदवाएं ही दीवार बनवाना शुरू कर दिया है। जब
ग्रामीणों ने इसका विरोध करने की कोशिश की तो उन्होंने नींव के आस पास
मिट्टी डलवाकर आनन फानन में दीवार खड़ी करा दी। ग्रामीणों का कहना है कि
नींव में पीली ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। भवन में सरिया का उपयोग
नहीं हो रहा है।
इसके अलावा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी बेहद खराब है।
इससे भवन की मजबूती का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे ही हालत गंगापुरवा,
राजापुर, जमौली आदि जगहों पर बने रहे भवनों के भी है।