बिसवां कोतवाली इलाके के रामाभारी गांव में मंगलवार रात बारिश के दौरान कच्ची दीवार छप्पर समेत ढह गई। इससे दीवार के पास छप्पर के नीचे सो रहे एक ही परिवार के सात लोग मलबे में दब गए। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने सभी को किसी तरह बाहर निकाला और सीएचसी पहुंचाया। तहसील प्रशासन को हादसे की सूचना दे दी गई है। घायलों में बच्चे व महिला भी शामिल हैं।
बिसवां कोतवाली इलाके के रामाभारी गांव निवासी इकरार मंगलवार रात परिवार समेत छप्पर के नीचे सो रहा था। इसी बीच बारिश के कारण कच्ची दीवार अचानक छप्पर समेत ढह गई। जिसमें इकरार (44), उसकी पत्नी सबा बानो (40), पुत्री ताहिमा (6) व पुत्र तेहनूर (12), नूर आलम (10), सूफियान (4) व वजीफा (4 माह) मलबे में दब गए।
इन लोगों का शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने किसी तरह मलबा हटाकर दबे लोगों को बाहर निकाला और बिसवां सीएचसी में भर्ती कराया। घायलों की हालत अब खतरे से बाहर है। उधर, खबर पाकर तहसील कर्मचारी व ग्राम प्रधान मौके पर पहुंच गए थे।