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आंधी-पानी से दीवार ढही, दो की मौत

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बारिश से कलेक्ट्रेट परिसर भरा पानी। (संवाद) - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिले में गुरुवार सुबह आंधी-पानी आफत लेकर आई। बादलों की गड़गड़ाहट के बीच तेज हवा और बारिश से जिले में बड़ा नुकसान हुआ। सबसे दुखद घटना मिश्रिख इलाके के जगदीशपुर गांव में हुई। वहां मलबे में दबे मवेशियों को बचाने गई महिला और उसकी पांच साल की मासूम भतीजी पर कच्ची दीवार गिरने से दबकर मौत हो गई।
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जिले में करीब 20 बिजली के खंभे टूटकर गिर गए। चार घंटे की बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया। नगर पालिका के जलनिकासी के दावों की पोल खुल गई। डीएम, सीडीओ व एसडीएम कार्यालय परिसर में पानी भर गया। पुराने सीतापुर व विकास नगर के कई घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया।
शहर में जलनिकासी के लिए 20 से अधिक नाला नालियां है। प्रति वर्ष मानसून से पहले इनकी साफ सफाई कराई जाती है। इसको लेकर नगर पालिका की तरफ से साफ सफाई अभियान चलाने जाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन यह दावे कितना सच है, इसकी पोल महज चार घंटे की बारिश ने खोलकर रख दी है। तड़के सुबह शुरू हुई बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर, विकास भवन परिसर, सदर तहसील परिसर व नगर पालिका परिसर में पानी भर गया।
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इससे यहां पर अफसर व फरियादी पानी के बीच से होकर निकले। सबसे अधिक दिक्कत विकास नगर मोहल्लेे में हुई। गल्ला मंडी से पटेल आटा चक्की तक नाला तो बनवा दिया गया है। लेकिन गल्ला मंडी के पास क्रास न होने से यह सीवर लाइन से जुड़ नहीं सका है। इसकी वजह से सड़कों व खाली पड़े प्लाटों में पानी भर गया। कई घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया। यही हाल पुराने सीतापुर के मिरदहीटोला व कजियारा, आदर्श नगर, मुंशीगंज सहित अन्य मोहल्लों में दिखाई दिए। यहां के बाशिंदे जलनिकासी के लिए जूझते हुए दिखाई दिए।
उधर, कोतवाली मिश्रिख इलाके के जगदीशपुर गांव में गुरुवार सुबह तेज बारिश और हवा भी चल रही थी। गांव के निवासी रामभजन के घर में बंधे मवेशियों पर घर की ही कच्ची दीवार गिर गई, जिसके नीचे तीन मवेशी दब गए। हादसा होते ही परिवार के लोग मलबे में दबे मवेशियों को बाहर निकालने के लिए मौके पर पहुंचे।
घर के पुरुष, महिलाएं और बच्चे मलबा हटाकर मवेशियों को बाहर निकालने का प्रयास कर रहे थे, इसी बीच पड़ोस की एक और कच्ची दीवार बारिश से भरभरा कर लोगों पर गिर गई। जिसके नीचे रामपति (45) पत्नी राम भजन, उसकी भतीजी मीनाक्षी (5) व पुत्री प्रमोद, बेटा अतुल (15) मलबे में दब गए। सभी को अस्पताल ले जाने की तैयारी चल रही थी, लेकिन मौके पर ही रामपति और उसकी भतीजी मीनाक्षी की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मृतका के पति रामभजन और मीनाक्षी के पिता प्रमोद दोनों सगे भाई हैं। एक ही घर में ताई और भतीजी की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। कोतवाल मिश्रिख मनोज यादव ने बताया कि दीवार गिरने से ताई और भतीजी की मौत हुई है। मृतका का बेटा घायल हुआ है। शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। मृतकों के आश्रितों को दैवीय आपदा के तहत सहायता राशि दी जाएगी।
तहसील व ब्लॉक मुख्यालयों पर भी जलभराव
महमूदाबाद कोतवाली रोड पर लोक निर्माण विभाग की पुलिया धंसी होने के कारण जलभराव हो गया। जिससे बारिश का पानी सड़कों पर बहने लगा। अध्यक्ष प्रतिनिधि अम्बरीश गुप्ता ने जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण करके सफाई अभियान चलाया। रेउसा कस्बे में जलनिकासी न होने से मोहल्लों में जलभराव हो गया। इसकी वजह से लोग पानी निकासी के लिए परेशान रहे।
आवागमन भी इस पानी के बीच से होकर चलता रहा। कस्बेवासियों ने कहा कई बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है। फिर भी कोई इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। इसी प्रकार सीएचसी महोली में जलभराव हो गया। मिश्रिख, लहरपुर, बिसवां, सिधौली, खैराबाद सहित अन्य स्थानों पर जलभराव हुआ।
विधायक की फरियाद, अफसरों पर नहीं सिकन
सेवता विधायक ज्ञान तिवारी ने विकास नगर मोहल्ले की जलनिकासी के लिए एक सप्ताह पहले ही डीएम को पत्र लिखा था। जिसके जरिए गल्ला मंडी पर नाले का क्रास करके सीवर लाइन से जोड़े जाने की बात कही थी। इस पर एडीएम ने ईओ व पावर कॉर्पोरेशन को पत्र जारी करके विद्युत लाइन हटवाते हुए निकास कराने की बात कही थी। लेकिन इस पत्र के बाद भी पावर कॉर्पोरेशन ने विधायक की शिकायत का कोई संज्ञान नहीं लिया। अगर समय से क्रास बना दिया गया होता तो बरसात में जलभराव न होता।
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