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मकान का छज्जा गिरने से मासूम की मौत, एक जख्मी

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छज्जा गिरने के बाद पड़ा मलबा। - फोटो : amar ujala
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मिश्रिख कोतवाली इलाके के आंट गांव में सोमवार को सुबह एक जर्जर मकान का छज्जा अचानक भरभराकर ढह गया। इस दौरान छज्जे के नीचे खेल रहे दो मासूम बच्चे मलबे में दबकर जख्मी हो गए। आननफानन दोनों को परिवारीजन सीएचसी ले गए, जहां पर चिकित्सकों ने एक बच्चे को मृत घोषित कर दिया। जबकि हादसे में घायल उसके चचेरे भाई का अस्पताल में इलाज चल रहा है। 
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मिश्रिख के आंट गांव निवासी कल्लू का छह वर्षीय बेटा अफसर अली व अजमत अली का चार वर्षीय बेटा जियाउल हक सोमवार की सुबह करीब 10 बजे मकान के पास खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक कल्लू के मकान का जर्जर छज्जा गिर गया। इसी दरम्यान वहां पर खेल रहे दोनों बच्चे मलबे में दब गए।

हादसे को देख आसपास के ग्रामीण व परिवारीजन मौके की ओर दौड़े और आननफानन छज्जे के मलबे के नीचे दबे दोनों बच्चों को किसी तरह से बाहर निकाला और फौरन उनको सीएचसी ले गए। यहां पर चिकित्सकों ने अफसर को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि जियाउल का इलाज चल रहा है। खबर पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। उसने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है। घटना की सूचना तहसील प्रशासन को भी दे दी गई है।
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मासूम की मौत से परिवार में मचा कोहराम
आंट गांव रहने वाला कल्लू अपने लाडले बेटे के मौत से काफी गमगीन था। परिवार में अन्य लोगों का भी रो-रोकर हाल बेहाल था। बताते हैं कि कल्लू बेहद गरीब हैं। इसी वजह से वह अपने जर्जर मकान की मरम्मत नहीं करा पाया था। कहा जा रहा है कि इसी वजह से छज्जा गिरा है।

कल्लू के परिवार में एक बेटी शमसुल के अलावा तीन बेटे अशरफ, अफसर व इशरत हैं, लेकिन इसमें से अफसर की सोमवार को हादसे में मौत हो गई है। गरीब कल्लू अपने चार बच्चों सहित परिवार की जीविका एक छोटी दुकान से चलाता है। ग्रामीणों के मुताबिक, कल्लू गांव में ही दाढ़ी-बाल बनाने का काम करता है। उसने गांव में ही छोटी दुकान कर रखी है।

उसी की आमदनी से बमुश्किल परिवार का खर्च चलता है। बताते हैं कि कल्लू प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास का पात्र है। उसको इस योजना के तहत आवास मिला है, लेकिन अब तक उसका काम शुरू नहीं हो पाया था। जिसके चलते अभी वह अपने पुरानी जर्जर मकान में ही रहता था। बेटे की मौत के बाद से पूरा परिवार व गांव शोकाकुल है।
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