मतदाताओं के विरोध से कई केंद्रों पर दो से तीन घंटे तक मतदान बाधित रहा। वहीं एक जगह पर दूसरे वार्ड का बैलेट पेपर पहुंचने से तीन घंटे तक मतदान रुका रहा, हालांकि बाद में कंट्रोल रूम में शिकायत के बाद अपडेट सूची बूथों पर पहुंचाई गई। उसके बाद वोटिंग शुरू हो पाई।
सुबह 10 बजे मछरेहटा विकासखंड के ददेवरा मतदान केंद्र पर मौजूद सुनील ने बताया कि चुनाव से कुछ दिन पहले वोटर लिस्ट में उनका नाम शामिल कराया गया था, मगर पता चला कि उनका वोटर लिस्ट में नाम नहीं है। परिवर्धित वोटर लिस्ट यहां नहीं आई थी।
कई अन्य मतदाताओं की भी यही शिकायत रही। जिस पर उन्होंने इसकी शिकायत सेक्ट्रर मजिस्ट्रेट से की। उन्होंने परिवर्धित लिस्ट केंद्र के अंदर पहुंचाई तब जाकर मतदाताओं ने वोट डाले। ऐसे ही कुछ हाल मिश्रिख विकास खंड़ जालेपारा में दिखाई दिए। यहां पर मतदाताओं ने वोटर लिस्ट से नाम काटने का आरोप लगाया।
अजय व पुनीत का कहना था कि तीन बार से वह मत डालते आ रहे हैं। कुछ दिन पहले वोटर लिस्ट में नाम था। लेकिन अब नाम गायब है। इसी प्रकार सिधौली विकास खंड के बाड़ी मतदान केंद्र पर परिवर्धित लिस्ट न पहुंचने से डेढ़ घंटे तक मतदान बाधित रहा। सेक्टर मजिस्ट्रेट ने परिवर्धित लिस्ट मंगवाई। उसके बाद 8.30 बजे मतदान शुरू हो सका।
गड़िया हसनपुर में वार्ड एक से आठ तक के क्षेत्र पंचायत सदस्य के बैलेट पेपर नहीं पहुंचे। इससे तीन घंटे मतदान बंद रहा। जब 10 बजे बैलेट पेपर पहुंचा, तब जाकर मतदान शुरू हो सका। सिधौली के ग्राम पंचायत मुरहाडीह के मतदान केंद्र लक्ष्मनपुर पर सुबह से दोपहर तक बिना आईडी प्रूफ के वोट डाले जाते रहे।
दोपहर के बाद पोलिंग एजेंटों ने इसका विरोध किया, तब जाकर आईडी प्रूफ देखा गया। इस दौरान श्रीपाल, रघुवंश सहित आधा दर्जन मतदाताओं के पास कोई प्रूफ न होने के कारण वह मतदान से वंचित रह गए।