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मिश्रिख में शामिल कर दिए हरदोई के वोटर

Fri, 06 Nov 2015 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
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पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में गैर जनपद के बाशिंदों का नाम जोड़ दिया गया। कई दूसरी ग्राम पंचायतों के मतदाता भी सूची में शामिल कर छह सौ फर्जी वोट बना डाले गए। जिला व क्षेत्र पंचायत सदस्यों का चुनाव भी करा दिया गया।
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सूची में बाहरी लोगों के नाम देख ग्रामीणों ने मिलान किया तो वह हैरान रह गए। इस फर्जीवाडे़ के खिलाफ ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई। कार्रवाई न होने से हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी।

हाईकोर्ट ने मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़ने के मामले को गंभीरता से लेकर आयोग को टीम के मुखिया के रूप में अफसर को नामित करने के आदेश दिए हैं।

मसला मिश्रिख तहसील की ग्राम पंचायत ठाकुर नगर का है। मिश्रिख तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत ठाकुर नगर की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फर्जी मतदाताओं का नाम बढ़वा दिया गया।
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मतदान के दौरान ग्रामीणों को सूची में फर्जी नाम होने की आशंका हुई तो ग्रामीण मतदाता सूची का मिलान करने में जुट गए। मतदाता सूची का मिलान करते ही ग्रामीण अवाक रह गए।

सूची में छह सौ ऐसे नाम सामने आए जो ठाकुर नगर में रहते ही नहीं हैं। ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की तो पाया कि ठाकुर नगर की मतदाता सूची में पड़ोसी जनपद हरदोई के ग्राम अमरगंज, पिपरी, कोथावां के साथ ही मिश्रिख के ग्राम बरेठी, लकड़िया मऊ, अटवा तथा नैमिषारण्य के बाशिदों के नाम शामिल हैं।

इस पर सत्य नरायन सहित चार ग्रामीणों ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में रिट दायर कर मामले की जांच की गुहार लगाई। हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के दौरान मंगलवार को मिश्रिख एसडीएम मनोज पांडेय को तलब किया जो बुधवार को पेश हुए। एसडीएम ने न्यायालय को बताया कि जांच के लिए नौ सदस्यीय समिति बना दी गई है।

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने राज्य निर्वाचन आयुक्त को बुधवार को कहा कि किसी एडीएम रैंक के अफसर को नामित करें जो एसडीएम मिश्रिख द्वारा बनाई गई नौ सदस्यीय जांच टीम का मुखिया होगा।

अदालत ने अगली सुनवाई 16 नवंबर को नियत कर उस रोज सरकारी वकील से जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है। उधर, देर शाम इस मामले की जांच सिद्धार्थनगर के एडीएम को दी गई है।  

कोर्ट में विचाराधीन मामला
इस मामले की शिकायत मिली थी। जांच के लिए टीम गठित की गई है। जांच टीम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था कि इसी बीच शिकायतकर्ता न्यायालय चले गए। अब मामला न्यायालय में विचाराधीन है। -मनोज पांडेय, एसडीएम मिश्रिख
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