उन्होंने कहा दिसंबर माह में टीकाकरण के साथ 9 माह से एक साल तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। एक से पांच वर्ष तक के बच्चों को भी आच्छादित किया जाएगा। इसके अलावा आयोडीन नमक के सेवन का प्रचार प्रसार किया जाएगा।
इसके साथ कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों का चिह्नीकरण किया जाएगा। इसके लिए एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री व आशा बहुएं लगाई गई हैं। वह इसकी सूची बनाकर सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य पर मुहैया कराएंगी। छह माह के बच्चों के लिए स्तनपान के लिए भी जागरूकता फैलाई जाएगी।
सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह ने बताया इस माह का उद्देश्य रोगों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि करना, रतौंधी से बचाव, कुपोषण से बचाव व उपचार, आयोडीन नमक के प्रयोग से बच्चों में मानसिक विकलांगता में कमी, पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में मृत्यु दर में कमी लाना। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सघन पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा टारगेट अनुसार बच्चों का यह खुराक अवश्य पहुंचा दी जाए। इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीके सिंह, सीएमएस डॉ. सुषमा कर्णवाल, जिला स्वास्थ्य सूचना अधिकारी केके शुक्ल आदि मौजूद रहे।