सीतापुर। रेउसा के बाढ़ग्रस्त इलाके में डेंगू, मलेरिया व वायरल का प्रकोप फैला हुआ है। छह मजरों में 100 से अधिक लोग बीमार हैं। रेउसा कस्बे के 10 लोगों की बुखार के चलते गंभीर हालात बनी हुई है। ये लोग लखनऊ के निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। परिजनों का कहना है प्राइवेट चिकित्सकों ने डेंगू होने की बात कही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग डेंगू होने से इंकार कर रहा है।
रेउसा में सरयू नदी का जलस्तर घटने के बाद अब संक्रामक रोग तेजी से फैल रहे हैं। बरौली के रूपेंद्र पांडेय, रेउसा वीआईपी नगर के संजय अवस्थी, रेउसा कस्बा के प्रांजल, पंकज कुमार, रामू, अजय रस्तोगी, प्रदीप पोरवाल, दीपू वाजपेयी, अजय पांडेय, महेंद्र पोरवाल को एक सप्ताह से लगातार बुखार आ रहा था। सीएचसी में इलाज के बाद जब फायदा नहीं हुआ तो परिजनों ने इन्हें लखनऊ में भर्ती कराया है।
वहां पर चिकित्सकों ने इन्हें डेंगू होने की बात कही है। इन मरीजों की लगातार प्लेटलेट्स घट रही है। 30 से 60 हजार के बीच प्लेटलेट्स हो गई है। यह मरीज लखनऊ के निजी अस्पतालों में इलाज करवाने को मजबूर हैं।
इसी तरह गोलोक कोडर के मजरा नगीनापुरवा में धीरेंद्र कुमार, जगदीश कुमार, रिंकी, जंगलटपरी के राकेश, कैलाश, सुरेश शामिल है। जैतहिया की शांती, कन्हई, अनूप, सोनेलाल, संतरामपुरवा के रामकिशुन, कन्हैयालाल, जगमोहन, रामलालपुरवा के मौजीलाल, आयुष आनंद व नया निर्मलपुरवा के जयप्रकाश, राजितराम व रमेश बुखार से परेशान हैं। इन मजरों में 100 से अधिक लोग बुखार, सिरदर्द व बदन दर्द से कराह रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि गांव में अभी तक सीएचसी की तरफ से कोई टीम नहीं आई है। मजबूरी में झोलाछाप से इलाज करवा रहे हैं।
सीएचसी अधीक्षक से दर्ज कराई शिकायत
व्यापार मंडल रेउसा के व्यापारियों ने शनिवार को सीएचसी अधीक्षक व बीडीओ को शिकायती पत्र दिया। जिसके जरिए कहा कि रेउसा में डेंगू, मलेरिया व वायरल का प्रकोप फैल गया है। कई व्यापारी इसकी चपेट में आ गए हैं। इनका लखनऊ में इलाज चल रहा है। कस्बा सहित गांवों में न तो फाॅगिंग हुई है न ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी कोई टीमें नहीं पहुंच रही है। इससे व्यापारी दहशत में बने हुए है। इस अवसर पर रामचंद्र, कपिल कुमार, सुमित आदि मौजूद रहे।
भेजी जाएगी टीमें
सीएचसी प्रभारी डॉ. शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि डेंगू के मामले अभी सामने नहीं आए हैं। जिन गांवों में बुखार फैलने की सूचना मिलती है वहां पर टीमें भेजी जाती है।