अब जिले की 1600 ग्राम पंचायत का लेखा-जोखा ऑनलाइन होगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत की परिसंपत्तियां ऑनलाइन की जाएंगी। वहां पर सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लाभार्थियों का ब्यौरा भी वेबसाइट में फीड किया जाएगा। शासन के फरमान पर अर्थ संख्या विभाग ने डाटा को ऑनलाइन बनाने के लिए पंचायतवार ब्यौरा तलब किया है।
ग्राम पंचायत स्तर पर सरकारी एवं गैर सरकारी अनेकों परिसंपत्तियां हैं। इन परिसंपत्तियों का रिकॉर्ड भी मैनुअल है। इस वजह से घालमेल कर अनेकों परिसंपत्तियों पर कब्जा कर लिया था। इसे देखते हुए शासन ने ग्राम पंचायतों की परिसंपत्तियों को ऑनलाइन बनाने तथा वहां पर सरकारी योजनाओं से लाभान्वित होने वाले लाभार्थियों का डाटा ऑनलाइन बनाने का फैसला लिया।
बाद में बाकायदा इसका जिले को आदेश भी जारी किया है। शासन के फरमान पर अब सीतापुर जनपद की नवगठित 1600 ग्राम पंचायतों का लेखा-जोखा ऑनलाइन होगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत की सरकारी और गैर सरकारी परिसंपत्तियों को ऑनलाइन बनाने के साथ ही वहां पर सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लाभार्थियों का रिकॉर्ड भी ऑनलाइन बनाया जाएगा।
डाटा ऑनलाइन होने से लोग अपने गांव के विकास की स्थिति को आसानी से जान सकेंगे, साथ ही वहीं पर सरकारी मशीनरी को भी गांवों में विकास व विवाद के मामलों के निस्तारण में भी आसानी होगी।
डाटा ऑनलाइन करने को प्रशासन की ओर से सभी बीडीओ को पत्र जारी किए गए हैं। इसके जरिए उनसे ग्राम पंचायतों का संपूर्ण ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ताकि उन्हें गांवों का ब्यौरा ऑनलाइन किया जा सके।