सीतापुर। बारिश और तेज हवाओं के बीच जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई। सोमवार को अलग-अलग उपकेंद्रों से जुड़े करीब 1370 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। कहीं घंटों बिजली गुल रही तो कहीं बहाल होने के कुछ देर बाद फिर ठप हो गई। इससे ग्रामीणों को उमस, अंधेरे और पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग की टीमें दिनभर फॉल्ट तलाशने और मरम्मत में जुटी रहीं।
रामपुर मथुरा के बांसुरा उपकेंद्र से जुड़े करीब 350 गांवों में रविवार रात दो बजे बिजली गुल हो गई। बारिश के दौरान तीन पोल टूटने के साथ चार स्थानों पर जंपर उड़ने और ट्रांसफार्मर में खराबी की बात सामने आई। सोमवार दोपहर करीब दो बजे आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन कुछ देर बाद फिर ठप हो गई। शाम चार बजे दोबारा आपूर्ति शुरू हुई, जो करीब एक घंटे बाद फिर बंद हो गई। उपभोक्ताओं के अनुसार तीन दिन से यही स्थिति बनी हुई है। इसी उपकेंद्र से जुड़े करीब 250 गांवों में रविवार रात तीन बजे बिजली बंद हुई। सुबह आठ बजे आपूर्ति बहाल होने के दो घंटे बाद फिर ठप हो गई। देर शाम तक बिजली नहीं आई। विभाग ने ट्रांसफार्मर में खराबी को वजह बताया।
तंबौर उपकेंद्र से जुड़े करीब 300 गांवों में रविवार सुबह चार बजे आपूर्ति बंद हुई। सोमवार दोपहर तीन बजे इसे बहाल किया जा सका। इसके बाद भी ट्रिपिंग का सिलसिला जारी रहा। वहीं, महमूदाबाद और रामकोट उपकेंद्रों से जुड़े करीब 400 गांवों में सोमवार सुबह नौ बजे से आपूर्ति बाधित रही। सिधौली उपकेंद्र से जुड़े करीब 350 गांवों में भी बारिश के कारण बिजली संकट बना रहा।
बदहाल बिजली व्यवस्था पर ग्रामीणों का प्रदर्शन
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झरेखापुर-रिखौना फीडर से जुड़े गांवों में चार से छह घंटे ही बिजली मिलने का आरोप लगाते हुए सैकड़ों ग्रामीण सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सतनाम सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली आने-जाने का कोई तय समय नहीं है। क्षेत्रीय जेई और लाइनमैन पर भी शिकायतों की अनदेखी और काम के लिए पैसे मांगने के आरोप लगाए गए। डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने बिसवां के अधिशासी अभियंता को दो दिन में समस्या दूर करने के निर्देश दिए।
संभव दिवस में 15 शिकायतें सुनीं
बिजली विभाग के संभव दिवस में अधीक्षण अभियंता ललित कृष्ण ने सुदामापुरी कार्यालय में 15 शिकायतें सुनीं। उपभोक्ताओं ने बिजली कटौती, खराब मीटर और झुके पोल की शिकायतें दर्ज कराईं। अधीक्षण अभियंता ने एक सप्ताह में शिकायतों का निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
फॉल्ट दूर करने में जुटी टीमें
अधीक्षण अभियंता ललित कृष्ण ने बताया कि बारिश के कारण कई स्थानों पर फॉल्ट आए हैं। विभागीय टीमें लगातार मरम्मत में लगी हैं। खराबी की सूचना मिलने पर प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति बहाल कराई जा रही है।