फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sitapur News: खंभे उठाने पहुंचे बिजलीकर्मी तो भड़के ग्रामीण

Fri, 09 Oct 2026 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
विज्ञापन
जहांगीराबाद में ग्रामीणो को अ​धिकारी।
विज्ञापन
जहांगीराबाद। विद्युत व्यवस्था बहाल करने के लिए आए खंभे वापस लेने पहुंचे बिजलीकर्मियों से ग्रामीणों की नोकझोंक हो गई। मामला बढ़ने पर एसडीओ रेउसा पहुंचे। उनकी ग्रामीणों के साथ तीखी बहस हुई। इससे आक्रोशित ग्रामीण मवासेपुर में निजी अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गए। धरने की सूचना पर एसडीएम बिसवां राहुल सिंह, तहसीलदार अनिल कुमार राम के साथ मौके पर पहुंचे।एसडीएम ने ग्रामीणों से मामले की जानकारी ली। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली संकट के बीच गांव में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए आए खंभों को भी दूसरी जगह ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम ने एसडीओ रेउसा पुरुषोत्तम कुमार को मौके पर बुलाया और खंभे हटाने का कारण पूछा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर एसडीएम ने एसडीओ को कड़ी फटकार लगाई। इसी बीच सदरपुर थानाध्यक्ष आशुतोष मिश्र, उपनिरीक्षक शैलेंद्र कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक और महिला पुलिसकर्मियों समेत भारी पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। स्थिति को देखते हुए एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन जनता की समस्या का निदान कराएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मवासेपुर में पहुंच चुके बिजली के खंभे अब कहीं नहीं ले जाए जाएंगे और इन्हीं से गांव में विद्युत व्यवस्था बहाल की जाएगी। अन्य स्थानों के लिए अलग से खंभों की व्यवस्था कराई जाएगी। एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।
विज्ञापन


13 दिन बाद शुरू हुई थी बिजली आपूर्ति
ग्रामीणों ने बताया कि 23 सितंबर की रात तेज आंधी और बारिश के बाद क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। करीब 13 दिन बाद आपूर्ति शुरू हो सकी, लेकिन बाढ़ के पानी में बिजली के तार टूटे होने के कारण जहांगीराबाद के करीब एक तिहाई हिस्से में अब भी बिजली नहीं पहुंच सकी है। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए एसडीओ ने करीब एक दर्जन खंभे मंगवाए थे। ग्रामीणों के अनुसार बुधवार को मवासेपुर के लोग खंभे उठा ले गए थे। बृहस्पतिवार को लाइनमैन खंभे वापस लेने पहुंचे तो ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। इसी दौरान मामला तूल पकड़ गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए। करीब दो घंटे तक चले धरने के बाद प्रशासनिक आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें