अब जिले में टैम्पो-ऑटो के विलेज परमिट बनेंगे। इसी परमिट के आधार पर ही ये गाड़ियां जनपद की सड़कों पर दौड़ सकेंगी। परमिट के आधार पर हर वाहन का रूट तय होगा। निर्धारित रूट पर वाहन सिर्फ 16 किलोमीटर दायरे में चल सकेंगे। हर रूट के वाहन का एक कलर भी निर्धारित होगा। इससे कोई वाहन दूसरे रूट पर जाएंगे, तो पकडे़ जाएंगे।
मॉडल सिटी बनाने की तैयारियों में जुटे प्रशासन ने ट्रैफिक दुरुस्त करने के लिए यह कवायद की है। इससे जिला मुख्यालय की सड़क पर न सिर्फ वाहनों का लोड कम होगा, बल्कि यहां ट्रैफिक व्यवस्था भी सुदृढ़ हो सकेगी। जिला व पुलिस व परिवहन महकमे ने इस पर काम भी शुरू कर दिया है।
मॉडल सिटी योजना में शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकारी महकमा इन दिनों जुटा है। यहां की ट्रैफिक व्यवस्था को सुुदृढ़ करने की मुहिम भी शुरू हो गई है। विभागीय जानकारों की मानें तो जिले में दस ग्रामीण टैम्पो स्टैंड हैं, जहां से विभिन्न मार्गों पर वाहनों का संचालन होता है।
नियमानुसार प्रत्येक ग्रामीण टैम्पो को 16 किमी दायरे का परमिट जारी है। इस परमिट के दायरे में वाहनों का संचालन होना चाहिए, लेकिन वर्तमान समय में पूरे जिले में टैम्पो व ऑटो मनचाहे रूटाें पर फर्राटा भर रहे हैं। इससे यहां की यातायात व्यवस्था चरमराई है।
इसे दुरुस्त करने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। अब यहां की सड़कों पर विलेज सिस्टम के जरिए वाहन फर्राटा भरेंगे। इनके लिए बाकायदा विलेज परमिट बनेगा। ऑटो व टैम्पो इसी परमिट के आधार पर गाड़ी दौड़ा सकेंगे।