हरगांव (सीतापुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में महिलाओं की नसबंदी के दौरान ऑपरेशन थिएटर (ओटी) कक्ष से आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गंभीरता से लिया है। उनके आदेश पर हुई जांच के बाद दोषी मिले दो डॉक्टरों सहित छह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दो फार्मासिस्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
सोशल मीडिया पर हरगांव सीएचसी का एक वीडियो वायरल हो रहा था। इसमें ओटी कक्ष में भर्ती महिलाओं की नसबंदी प्रक्रिया के वीडियो वायरल हुए थे। कुछ महिलाएं बेहोशी की हालत में थीं। वीडियो करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सीएमओ डाॅ. हरपाल सिंह को जांच के निर्देश दिए थे। सीएमओ की जांच में पूरे स्टाफ की लापरवाही सामने आई है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर डिप्टी सीएम ने सीएमओ को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर सीएमओ डाॅ. हरपाल सिंह ने सीएचसी हरगांव के अधीक्षक डॉ. नीतीश वर्मा, स्टाफ नर्स राधा वर्मा व वार्ड आया कल्पना को सीएचसी से हटा दिया है। इन तीनाें का एक माह का वेतन रोकते हुए तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. गोविंद का भी एक माह का वेतन रोक दिया है।
सीएचसी में तैनात ट्रेनी फार्मासिस्ट सत्य प्रकाश व अतुल अवस्थी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने बताया कि डॉ. नीतीश वर्मा को हरगांव सीएचसी से हटाकर सीएचसी एलिया भेजा गया है वहीं स्टाफ नर्स राधा वर्मा व वार्ड आया कल्पना को कसमंडा स्थानांतरित किया गया है।
चार दिन में रिपोर्ट तलब
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि महिलाओं की गोपनीयता भंग करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी। पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट सीएमओ को चार दिन में देने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद शासन स्तर से इस मामले में दोषियों के विरूद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई होगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के वक्त ओटी में मौजूद सभी डॉक्टर व कर्मचारियों के मोबाइल की जांच कराई जाएगी। घटना में दोषियों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। महिलाओं के प्रति सरकार बेहद संवेदनशील है। मरीजों की गोपनीयता भंग करने वाले किसी भी दशा में बच नहीं पाएंगे।