सीतापुर। जिले के परिषदीय विद्यालयों में 12460 शिक्षक भर्ती के तहत सीतापुर में अब तक 37 शिक्षक फर्जी मिले हैं। इनकी संख्या और बढ़ सकती है। बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक, करीब 200 शिक्षकों के अभिलेखों की सत्यापन रिपोर्ट आनी बाकी है। उम्मीद है यह रिपोर्ट एक माह के अंदर आ जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
12460 शिक्षक भर्ती के तहत जिले में 1100 शिक्षकों की तैनाती की गई थी। अभिलेखों के सत्यापन में अब तक 37 शिक्षक फर्जी पाए गए हैं। इन सभी को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा रही है। करीब 200 शिक्षकों के अभिलेखों की जांच होनी बाकी है। इन सभी के प्रमाणपत्र संबंधित विश्वविद्यालयों को जांच के लिए भेजे गए हैं। बर्खास्त शिक्षकों में से अधिकतर के शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रमाणपत्र फर्जी मिला है। इससे पहले बृहस्पतिवार को बीएसए ने सात शिक्षकों को एक साथ बर्खास्त किया था। इससे फर्जी शिक्षकों में खलबली मची हुई है।
एसटीएफ भी कर रही है जांच
अभिलेख फर्जी मिलने पर 37 शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। इसके अलावा कई मामलों में एसटीएफ भी जांच कर रही है। एसटीएफ ने करीब दो माह पहले कई शिक्षकों के अभिलेख बीएसए कार्यालय से मांगे थे। बेसिक शिक्षा विभाग को कहना है कि एसटीएफ की भी जांच में फर्जी शिक्षक मिल सकते हैं।
जांच जारी, होगी कड़ी कार्रवाई
शिक्षकों के अभिलेखों की जांच लगातार जारी है। इसके अलावा शिकायत मिलने पर भी जांच कराई जाती है। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में पकड़ में आए सात फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। उनकी सेवा समाप्त की जा चुकी है।
डॉ. गोरखनाथ पटेल, बीएसए