सीतापुर। गबन के मामले में परसेंडी ब्लॉक में ग्राम विकास अधिकारी आलोक गोस्वामी को निलंबित कर दिया गया। आरोप है कि उन्होंने 50 लाख रुपये बजट निकालने के बाद भी शौचालय नहीं बनवाए। अमर उजाला ने घपले को कई बार प्रमुखता से किया प्रकाशित किया था।
जिला विकास अधिकारी ने ब्लॉक बिसवां में तैनात ग्राम विकास अधिकारी आलोक गोस्वामी को छह आरोपों ने प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान वह बीडीओ मछरेहटा के दफ्तर से संबद्ध रहेंगे। बीडीओ मछरेहटा को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
निलंबन आदेश में परसेंडी ब्लॉक की ग्राम पंचायत बड़ागांव से 15 लाख बिना शौचालय निर्माण किए आहरित करने व ग्राम पंचायत गोडरिया में एक ही तिथि में 35 लाख रुपये बिना शौचालय निर्माण के निकालने का उल्लेख किया गया है। बीडीओ एवं उप निदेशक पंचायत की जांच में वह दोषी पाए गए।
वित्तीय नियमों के विपरीत बिना किसी टेंडर के 50 लाख का भुगतान फर्म को कर दिया गया, जिसके लिए प्रथम दृष्ट्या दोषी पाया गया। ब्लॉक बिसवां की कई ग्राम पंचायतों में शौचालयों की जियो टैग करने व ईयर बुक क्लोज न करने के संबंध में उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन न करने का दोषी पाया गया। इस पर उन्हें निलंबित किया गया है।