धर्मांतरण के लिए चेन्नई से फंडिंग होती थी। मुख्य आरोपी पादरी और चार अन्य गिरफ्तार किए गए हैं। बैंक खाते से फंडिंग का राज खुला है। मुराउनपुरवा में रविवार को धर्मांतरण का मामला सामने आया था।
सीतापुर के इमलिया सुल्तानपुर के गांव रामपुरमथना मुराउनपुरवा में रविवार को सामने आए धर्मांतरण मामले में पुलिस ने पादरी सहित पांच आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। मामले के मुख्य आरोपी लखीमपुर खीरी निवासी पादरी के एक बैंक खाते से पता चला कि धर्मांतरण के लिए चेन्नई से फंडिंग होती थी।
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एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि लखीमपुर खीरी के पसगवां थाना क्षेत्र के बेहटा गांव निवासी पादरी विनोद पाल सिंह, उसकी पत्नी ज्योति के साथ मुराउनपुरवा निवासी अनंतराम, शुभकरन, रमित को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी विनोद लोगों को ईसाई बना रहा था।
उसके कब्जे से तीन बाइबिल, ढोलक व धर्मांतरण की अन्य सामग्री बरामद हुई है। छानबीन में आरोपी का एक खाता सामने आया, जिसमें संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं। विनोद ने बताया कि लोगों को प्रलोभन देने के लिए उसे चेन्नई से धन प्राप्त होता है।
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इस धन का खर्च वह लोगों को ईसाई धर्म से जोड़ने व प्रार्थना भवन निर्माण कराने में कर रहा था। थाने की पुलिस ने साइबर अपराध थाने को रिपोर्ट भेजकर आरोपी के बैंक खाते को सीज करा दिया है।
इसके साथ ही आरोपी के अन्य खातों का भी पता लगाया जा रहा है। ईसाई धर्म से संबंधित गैंग के संबंध में जानकारी की जा रही है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
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कई बिंदुओं पर जारी रहेगी जांच
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस मुख्य आरोपी के पास से मिली जानकारी के आधार पर कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। कई अन्य खातों के साथ ही, वे खाते जिनसे रुपये आ रहे हैं, उनकी भी जांच की जा रही है। आरोपियों के फोन को भी खंगाला जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि आरोपियों के फाेन से कई ऐसे चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं, जो कि काफी समय से धर्मांतरण कराने में लगे हैं।
नेपाल से जुड़ा है नेटवर्क
गिरफ्तार पादरी विनोद का नेटवर्क चेन्नई तक ही सीमित नहीं, बल्कि उसके तार नेपाल से भी जुड़े होने की आशंका है। जांच में सामने आया है कि नेपाल बॉर्डर से भी कुछ संदिग्ध कॉल और फंडिंग की गतिविधियां की गई हैं। फिलहाल एसओजी टीम और साइबर सेल नेपाल कनेक्शन की गहराई से पड़ताल कर रही है।
संपत्तियां खरीदने में खर्च रकम का ब्योरा नहीं दे पा रहा छांगुर
अवैध धर्मांतरण का आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर यूपी और महाराष्ट्र में खरीदी गई संपत्तियों के लिए जुटाई रकम का ब्योरा नहीं दे पा रहा है। ईडी द्वारा बीते 24 घंटे के दौरान पूछताछ के दौरान वह अपने विरोधियों पर झूठा फंसाने की बात कहता रहा। ईडी उससे उन लोगों के नाम उगलवाने की कोशिश कर रही है, जिनके जरिये अवैध धर्मांतरण के लिए विदेशी संस्थाओं से फंडिंग होती थी।
सूत्रों के मुताबिक ईडी छांगुर के सामने उसके ट्रस्ट समेत सभी बैंक खातों के स्टेटमेंट रखकर पूछताछ कर रही है। यह भी सामने आया है कि उसने कुछ जमीनों को खरीदने के बाद अपने करीबियों को गिफ्ट कर दिया था। ईडी अब उन सभी लोगों को पूछताछ के लिए तलब करेगी।
साथ ही, छांगुर के खिलाफ शिकायत करने वालों को बुलाकर उनके बयान दर्ज करेगी। मंगलवार सुबह पूछताछ शुरू होने पर वह बार-बार अपनी तबियत खराब होने का बहाना बनाता रहा, हालांकि अधिकारी उससे सख्ती से पूछताछ करते रहे।