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यूपी: बंटी-बबली बनकर ठगी करते थे दंपती, पांच राज्यों में दर्ज हैं मुकदमे; बैंक व आयकर के कर्मी बन फंसाते थे

Thu, 01 Oct 2026 07:19 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला, सीतापुर

सार

सीतापुर पुलिस ने बैंक और आयकर विभाग के फर्जी कर्मचारी बनकर ठगी करने वाले दंपती रोहित वाजपेई और अन्नू को गिरफ्तार किया। आरोपियों पर पांच राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने 14 लाख रुपये, सोने के आभूषण, फर्जी पहचान पत्र और मोबाइल बरामद किए। दोनों पर करोड़ों की ठगी का आरोप है।
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सीतापुर में दंपती पकड़े गए। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहर कोतवाली पुलिस ने बैंक व आयकर के फर्जी कर्मचारी बनकर ठगी करने वाले दंपती कन्नौज जिले के भगवान मकरंद नगर निवासी रोहित वाजपेई और उसकी पत्नी अन्नू को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया है। एक फिल्मी किरदार बंटी और बबली के अंदाज में दोनों ही दंपती लोगों को बेवकूफ बनाकर ठगी करते थे। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है। आरोपी दंपती पर पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उड़ीसा और बिहार में मुकदमे दर्ज हैं।

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पुलिस के अनुसार आरोपी रोहित उसकी पत्नी अन्नू अगस्त माह में शहर के मोहल्ला प्रेमनगर में किराये के मकान में रहने आए थे। रोहित ने खुद को पीएनबी की मिश्रिख शाखा का प्रबंधक, जबकि अन्नू ने खुद को वित्त मंत्रालय में आयकर निरीक्षक बताया था। दोनों ने मकान मालिक और स्थानीय लोगों को नीलामी में सस्ता सोना दिलाने और पुराने नोट बदलवाने का झांसा देकर 27 लाख रुपये की ठगी की थी। 

इसके बाद वह भाग गए। आरोपी लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में इसी तरीके से ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। उनके कब्जे से 14 लाख रुपये, 38.740 ग्राम सोने के आभूषण, फर्जी पहचान पत्र और दो फोन बरामद हुए हैं। एसपी अंकुर अग्रवाल ने गिरफ्तारी करने वाली टीम में शामिल पुलिसकर्मी रवि सिंह, दीपक, प्रिंस, शैंकी, प्रशांत आदि को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

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कई राज्यों में की है ठगी, नहीं पकड़ पाई थी पुलिस

14 सितंबर को आरोपी दंपती ठगी के 27 लाख रुपये लेकर इटावा से बुलाई गई कार से भाग गए थे। इसके बाद वह आगरा, कोटा, बैतूल तथा चेन्नई आदि शहरों में गाड़ियां बदलकर छुपते रहे। ठगी के रुपयों से आरोपियों ने बिना बिल के छह लाख के सोने के जेवर, 50 हजार के दो फोन खरीदे, जबकि शेष रकम यात्रा, होटलों और दैनिक खर्चों में उड़ा दी। 

आरोपियों ने स्वीकार किया कि वह वर्ष 2005 से धोखाधड़ी कर रहे हैं। वह रिहायशी कॉलोनियों के बड़े मकानों में किराए पर रहकर देश के विभिन्न राज्यों उत्तर प्रदेश (झांसी, गाजियाबाद, बनारस, कुशीनगर, सीतापुर), मध्य प्रदेश (उज्जैन, रीवा, शिवपुरी), ओडिशा (भुवनेश्वर), राजस्थान (बीकानेर) तथा बिहार (पूर्णिया) में करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं। आरोपी पर दस प्राथमिकी भी दर्ज हुई हैं, कितने रुपये ठगे गए हैं, इसकी जांच पुलिस कर रही है।
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