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रात होते ही सो जाती यूपी 112 सेवा

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पुलिस लाइंस स्थित 112 कार्यालय में सिस्टम से गाड़ियों की निगरानी करते प्रभारी विवेक उपाध्याय। (सं? - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। पुलिस महकमे की मजबूत कड़ी मानी जाने वाली यूपी 112 जरूरतमंदों की आने वाली कॉल पर जाने से अब कतराने लगी है। दिन के उजाले में बेहतर रिस्पांस देने वाली पुलिस की गाड़ी का रात होते ही जीपीएस ऑफ हो जाता है। रात में मौके पर न जाने के लिए यूपी 112 के पुलिस कर्मी जीपीएस सिस्टम को बंद कर अफसरों को तकनीकी समस्या बताकर लंबे समय से गड़बड़ी कर रहे थे। अब मामला पकड़ में आने के बाद सुधार शुरू हो गया है।
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24 घंटे लोगों को मदद पहुंचाने के मकसद से शुरू की गई यूपी 112, पहले (100) नंबर की सेवा समय के साथ कारगर साबित हुई है। कम समय में लोगों को यूपी 112 की पुलिस मदद पहुंचा रही है। यही वजह है कि लोगों का इस व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि लोगों के भरोसे पर सरपट दौड़ रही इस सेवा को आवाम तक पहुंचाने वाले ही गड़बड़ी कर रहे हैं।
जिम्मेदारों की जांच में इसका खुलासा हुआ है। दिन में कम से कम समय में लोगों की मदद करने वाली यूपी 112 की कुछ गाड़ियों का जीपीएस रात होते ही ऑफ हो जाता था। ऐसे में कोई कॉल आने पर इलाके के उस प्वाइंट पर मौजूद पीआरवी से संपर्क नहीं हो पा रहा था। लंबे समय से चल रही इस समस्या को लेकर जांच शुरू की गई तो जो खुलासा हुआ, वह हैरान करने वाला है।
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यूपी 112 के जिम्मेदारों की माने तो जिले के गांजरी थाना क्षेत्रों की करीब 10 ऐसी पीआरवी में गड़बड़ी पाई गई, जिनका जीपीएस दिन में तो ऑन रहता था, लेकिन रात होते ही बंद हो जाता था। बंद होने की वजह तलाशी गई तो सामने आया कि इन पीआरवी के जिम्मेदार रात में आने वाली कॉल के बाद इवेंट पर न जाना पड़े, इसलिए जीपीएस ही ऑफ कर देते थे और पूछने पर अफसरों को सूचना देते थे कि नेटवर्क की समस्या की वजह से ऐसा हो रहा है। मामला पकड़ में आने के बाद शुरू हुई सख्ती से सुधार दिख रहा है।
इन इलाकों में हो रही थी गड़बड़ी
जानकारों की माने तो यूपी 112 के पुलिसकर्मी गांजरी थाना क्षेत्रों में गड़बड़ी कर रहे थे। इसके पीछे वजह भी थी। गांजरी इलाका जिला मुख्यालय से काफी दूर है। ऐसे में इन गाड़ियों के पुलिस कर्मियों को लग रहा था कि उनका ये खेल चलता रहेगा। झूठी कहानी गढ़कर जिम्मेदारों को गुमराह करते रहेंगे पर लंबे समय तक ऐसा नहीं हो सका। ये खेल गांजरी इलाके के रामपुर मथुरा, थानगांव, रेउसा, बिसवां, सकरन इलाके में चल रहा था।
नेटवर्क की समस्या बताने पर खुली पोल
दिन में जीपीएस ऑन और रात में उसी गाड़ी का बंद होने का मामला कई बार सामने आने पर जिम्मेदारों ने जवाब तलब किया। पीआरवी की ओर से बताया गया कि रात में नेटवर्क की वजह से गांजर में जीपीएस बंद हो जाता है, इसलिए न तो लोकेशन ट्रेस हो पाती है और न ही संपर्क हो पाता है। जबकि जिम्मेदारों का कहना है कि अब नेटवर्क की समस्या कहीं नहीं है। विभाग ने जिस इलाके में जिस भी कंपनी का नेटवर्क अच्छा चलता है, उससे पीआरवी के जीपीएस को जोड़ रखा है, जिससे लोगों को कम समय में बेहतर सेवा मिल सके। बस, इसी बात से हकीकत सामने आ गई।
एडीजी ने मामले का लिया संज्ञान
दिन में जीपीएस ऑन और रात में ऑफ होने का मामला यूपी 112 के एडीजी तक पहुंचा। उन्होंने मामले को संज्ञान लेते हुए इसकी वजह और सिस्टम में सुधार के लिए सीतापुर पुलिस को पत्र जारी किया। ये पत्र पुलिस लाइंस स्थित यूपी 112 के कार्यालय में आने के बाद हड़कंप मचा।
अब लगातार हो रही निगरानी
यूपी 112 पुलिस के इस खेल को पकड़े जाने के बाद अब जीपीएस सिस्टम को और अधिक एक्टिव कर दिया गया है। अभी हाल ही में पिछले महीने यूपी 112 की जिम्मेदारी संभालने वाले इंस्पेेक्टर विवके उपाध्याय अपनी टीम के साथ खुद भी लगातार जीपीएस के जरिये पीआरवी की ट्रैकिंग कर लोकेशन चेक करते रहते हैं। लगातार फोन कॉल करके संपर्क में रहते है। इसकी वजह से अब काफी हद तक सुधार दिख रहा है।
गांजर क्षेत्र के थानों की करीब 10 ऐसी पीआरवी थी, जिनका जीपीएस दिन में ऑन रहता था, रात में बंद हो जाता था। उसी क्षेत्र में उन्हीं गाड़ियों के साथ हो रही इस तरह की दिक्कत को लेकर जांच की गई। जांच में सामने आया कि पुलिसकर्मी खुद ही जीपीएस रात में बंद कर देते थे, जिससे कोई कॉल नहीं आएगी और इवेंट पर रात में जाना नहीं पड़ेगा। गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद सुधार की चेतावनी दी गई। लगातार नजर रखी जा रही है।
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- विवेक उपाध्याय, प्रभारी यूपी 112
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