महमूदाबाद में बरसात की घनघोर अंधियारी रात व उमस भरी गर्मी ने जहां लोगों का जीना मुहाल कर रखा है, वहीं बिजली की अघोषित कटौती से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त विद्युत आपूर्ति न मिलने से धान की फसल की सिंचाई प्रभावित हो रही हैं।
इस वक्त दिन में 11 बजे से शाम पांच बजे तथा रात्रि 11 बजे से सुबह पांच बजे तक विद्युत आपूर्ति किए जाने का रोस्टर लागू है। इस तरह दिन-रात मिलाकर बारह घंटे के बजाए केवल पांच से छह घंटे ही विद्युत आपूर्ति मिल पा रही है।
बिजली न मिलने से रात में जहां चोर, उचक्कों का भय बना रहता है, वहीं छात्र-छात्राओं को पढ़ाई करने के लिए ढिबरी, लालटेन, मोमबत्ती, लैंप आदि का सहारा लेना पड़ रहा है।
नगरवासी मुकुल कुमार के अनुसार विद्युत आपूर्ति की स्थिति बेहद दयनीय है। बिजली के आने और जाने का अब कोई समय नहीं रह गया है। राम सागर कहते हैं कि कम बरसात होने के कारण धान की सिंचाई करने की आवश्यकता है। मगर समय से विद्युत आपूर्ति न मिलने से किसानों की धान की फसल सूख रही है।
अतुल वर्मा, चंद्रकांत रस्तोगी, नईमुद्दीन अंसारी, रामाधार रावत, अवधेश वर्मा आदि ने विद्युत आपूर्ति में सुधार किए जाने की मांग की है।