सीतापुर। 28 मई की देर रात तेज आंधी और बारिश से शहर से गांवों तक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। 50 से अधिक पोल टूट गए, 300 से ज्यादा जगह फॉल्ट, 20 स्थानों पर पेड़ की डाल टूटकर तारों पर गिरने के साथ ही जगह-जगह जंपर उड़ने व ट्रांसफार्मर खराब होने से करीब दो हजार गांवों में बिजली ठप हो गई। शहर क्षेत्र में तीन घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में कर्मचारी लाइनें दुरुस्त करके आपूर्ति बहाल कराने में जुटे हैं।
बृहस्पतिवार देर रात पहले बूंदाबांदी शुरू हुई। इसी दौरान भवानीपुर व पुराना सीतापुर उपकेंद्र की मुख्य लाइन में पीएसी के पास फॉल्ट आ गया। इसे सही करके आपूर्ति बहाल करने में करीब तीन घंटे लग गए। इसी तरह पिसावां कस्बे व पिपरी शादीपुर के पास पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उपकेंद्र में आए फॉल्ट के चलते करीब 300 गांवों की आपूर्ति बंद हो गई। बभनेवा उपकेंद्र रेउसा से जुड़े 400 गांवों में बिजली आपूर्ति शुक्रवार दोपहर तक बहाल नहीं हो पाई। अफसरों ने बताया कि पोल बदले जा रहे हैं। इसी तरह बांसुरा उपकेंद्र से जुड़े 350 गांवों में बृहस्पतिवार रात को ठप हुई बिजली आपूर्ति शुक्रवार दोपहर बाद तक बहाल नहीं हो पाई। इसके अलावा महमूदाबाद, बिसवां, सिधौली, अटरिया, मिश्रिख, हरगांव सहित अन्य इलाकों में फॉल्ट के चलते गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। लंबी कटौती के चलते लोग परेशान रहे। इन्वर्टर डिस्चार्ज हो गए। व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ। किसान सिंचाई नहीं कर पाए।
अलर्ट के बाद सुरक्षित हुए लोग
आंधी व बारिश से पहले बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे मोबाइल फोन पर अलर्ट जारी कर दिया। वहीं, जिला प्रशासन ने भी पहले ही लोगों को सतर्क रहने की अपील की थी। इस अलर्ट के आधा घंटे बाद आंधी व बारिश शुरू हो गई। अलर्ट के चलते लोग सतर्क हो गए। बिजली भी काट दी गई। सौरभ व मोनू ने बताया कि अलर्ट की यह सुविधा बहुत ही अच्छी है।
नुकसान का हो रहा आकलन
आंधी की वजह से पूरे जिले में फॉल्ट आए हैं। नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
राजेश तोमर, प्रभारी अधीक्षण अभियंता