पिसावां (सीतापुर)। झील से नाड़ी का साग निकालने समय दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। हादसे से दुबावां गांव में कोहराम मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंच जांच की।
पिसावां के दुबावां गांव निवासी रामनरेश का पुत्र अनूप (13) व बांके का बेटा करन (17) साथियों के साथ रूकनदीनपुर झील से नाड़ी का साग निकालने गए थे।
ये लोग झील से नाड़ी का साग निकालकर बाजारों में बेचते हैं। बुधवार को नाड़ी का साग निकालते समय अनूप व करन गहरे पानी में डूबने लगे। वहां मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाया, लेकिन आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिसके कारण दोनों किशोर झील में डूब गए।
जानकारी होने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने जब तक किशोरों को बाहर निकाला, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दोनों के शव निकाल कर परिवार के लोग घर लेकर चले गए। प्रभारी एसओ महेंद्र प्रताप का कहना है कि जांच कराई जा रही है।
घर वालों ने पोस्टमार्टम से किया इन्कार
परिवार व गांव के लोग दोनों के शव झील से निकाल कर घर ले गए थे। इसकी खबर पाकर पुलिस भी गांव पहुंची थी। पुलिस ने मौके पर जांच की। परिवार के लोगों से बातचीत की। दोनों मृतकों के परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।
परिवार चलाने में मदद करते थे दोनों
दोनों किशोर परिवार चलाने में अपने पिता की मदद करते थे। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों बच्चे गरीब परिवार से हैं। अनूप के पिता रामनरेश मजूदरी कर परिवार की जीविका चलाते हैं।
उनके अनूप सहित तीन बेटे हैं। अनूप रोजी-रोटी में परिवार की मदद करता था। नाड़ी का साग निकाल कर वह बाजार में बेचता था। वहीं, करन के पिता बांके रसोइयां का काम करते हैं। बांके के करन सहित चार पुत्र हैं। बच्चों की मौत से गांव में मातम छाया है।