एक किसान के गन्ने की पाती जलाने से भड़की आग में दो मासूम जिंदा जल गए। 13 मवेशियों की झुलस कर मौत हो गई। आग में 22 मकान भी जलकर राख हो गए। करीब 20 लाख की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन पौने सात लाख का ही नुकसान बता रहा है।
दमकल की दो गाड़ियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। खबर पाकर मौके पर एडीएम, एसडीएम व पुलिस पहुंच गए। एसडीएम ने कहा कि पीड़ितों की हरसंभव मदद की जाएगी। लहरपुर कोतवाली इलाके के पट्टी दहेली गांव के पास एक किसान खेत में गन्ने की पाती फूंक रहा था।
ग्रामीण बताते हैं कि उसे ऐसा न करने से रोका भी गया, लेकिन वह नहीं माना। नतीजतन आग की चिंगारी पड़ोस में बने मकानों तक जा पहुंची। गांव के छप्परों तक चिंगारी पहुंचने से आग लग गई। ग्रामीण आग पर काबू पाते, इससे पहले ही आग ने भीषण रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने 22 मकानों को पूरी तरह आगोश में ले लिया।
लोग आग को बुझाने में जुट गए। इस बीच सियाराम का पुत्र मुकेश (8) व रमाकांत की बेटी प्रियांसी (3) आग की लपटों में फंस गई, जिससे झुलसकर दोनों की मौत हो गई। आग में 10 बकरियाें सहित तेरह मवेशी भी जल मरे। दो पशु बुरी तरह झुलस गए।
आग में मेड़ई, नीरज, रामपाल, सियाराम, रमाकांत, पप्पू, अरविंद, संदीप, माता प्रसाद आदि के घर जलकर राख हो गए। करीब 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। अग्निकांड की खबर पाकर लहरपुर से दो दमकल वाहनों ने करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार, इंस्पेक्टर आदि ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। प्रशासन की नजर में करीब पौने सात लाख का नुकसान हुआ है। एसडीएम का कहना है कि पीड़ितों को मदद दिलाई जाएगी।