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बैराजों से छोड़ा पौने दो लाख क्यूसेक पानी

Wed, 05 Jul 2017 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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कटान का दृश्य।
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घाघरा में पानी बढ़ने से डरे तटीय क्षेत्र के लोगों ने बुधवार से पलायन शुरू कर दिया। कोनी गांव में एक घर नदी में समा गया। उधर, बैराजों से बुधवार को पौने दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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इससे बाढ़ आना तय माना जा रहा है। हालांकि प्रशासन हर स्थिति से निपटने को तैयार रहने का दावा कर रहा है। रेउसा में मदद के लिए स्टीमर से लैस पीएसी बल पहुंच गया है। 

जिले के तंबौर व रेउसा में बाढ़ का खौफ साफ नजर आ रहा है। तंबौर के काशीपुर के निकट शारदा कटान कर रही है। जबकि रेउसा क्षेत्र में कोनी, दुर्गापुरवा, ठेकेदार पुरवा, कटैला पुरवा, दर्जिन रेती, जैतहिया, नगीनापुरवा, गोड़ियन पुरवा, पासिन पुरवा आदि 24 गांवों में बाढ़ आने का खौफ नजर आ रहा है।
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नदी का पानी दायरे के बराबर आ गया है। लहरें इस कदर उछाल मार रहीं हैं, कि नदी का पानी किनारों से छलक कर बाहर गिर रहा है। दुर्गापुरवा गांव के लल्लूराम, मायादेवी व अजीत अपने छप्परों को छोड़कर फौजदार पुरवा गांव में पलायन कर गए हैं।

इन परिवारों ने बताया कि उनका घर नदी के किनारे है, नदी का पानी रह रह कर बाहर आ रहा है। ऐसे में किसी भी वक्त बाढ़ आ सकती है। कटान से पल भर में उनके घर नदी में समा सकते हैं।

यही वजह है कि उन्होंने जान बचाने के लिए घर छोड़ना मुनासिब समझा। ठीक इसी तरह से गोड़ियन पुरवा व कोनी का भी हाल है। यहां भी नदी का पानी किनारों पर उछाल मार रहा है।

कोनी में कटान की चपेट में आकर गांव के महंत का घर घाघरा में बह गया है। हालांकि कटान को देखते हुए महंत ने अपना घर खाली कर दिया था। अब वह परिवार समेत खुले आसमान के नीचे आ गया है।

तटीय क्षेत्र के बाशिंदों की माने तो नदी के पानी में बीते एक सप्ताह में 30 फीट का उछाल आया है। एक सप्ताह पहले नदी का पानी 30 फीट नीचे बह रहा था। नदी के अंदर नजर आने वाले रेतीले मैदान व झाड़ झंखाड़ पानी में समा गए हैं। उधर घाघरा नदी के बीच बसे पचीसा टापू पर भी मुसीबत आई है।

टापू के एक हिस्से पर तो नदी का पानी उछाल मार रहा है, जबकि अन्य हिस्सों पर नदी कटान कर रही है। गुरुप्यारे का हैंडपंप कटकर नदी में समा गया है, वहीं टापू के तटीय इलाके में बसे लोगों ने अपनी झोपड़ियों को अपने हाथों से उजाड़ना शुरू कर दिया है।

गांव के जय प्रकाश, पेशकार, गुरु प्यारे आदि ने बताया कि नदी का पानी टापू की सतह से महज एक फीट नीचे ही बह रहा है। अगर एक फीट पानी बढ़ा तो टापू बाढ़ की चपेट में आ जाएगा। टापू पर बसे लोग काफी भयभीत हैं।

तटीय क्षेत्र के बाशिंदों की माने तो गुरुवार तक नदी उफना जाएगी और तटीय इलाके में बाढ़ जैसी मुसीबत से सामना करना पड़ेगा। उधर, प्रशासन दावा कर रहा है, कि अभी बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं। बुधवार को दो प्लाटून पीएसी स्टीमर बोट के साथ रेउसा कस्बा पहुंच गई है। 
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