मिश्रिख (सीतापुर)। कोतवाली परिसर में निर्माणाधीन इमारत की शटरिंग खोलते समय शुक्रवार को दो मजदूर तीसरी मंजिल से गिर गए। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। उसका इलाज चल रहा है। एएसपी दक्षिणी ने जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।
जिले के हर थाने पर पुलिसकर्मियों के रुकने के लिए बैरक और विवेचना कक्ष का निर्माण हो रहा है। मिश्रिख में भी इमारत बन रही है। यहां इलाके के काशीपुर मजरा उत्तरधौना निवासी सुशील कुमार (30) व सरैंया निवासी मनोहर (35) मजदूरी कर रहे थे। शुक्रवार को तीसरी मंजिल पर खिड़की के पास छज्जे की शटरिंग को खोली जा रही थी।
अचानक से दोनों तीसरी मंजिल से गिर गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने सुशील कुमार को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने ठेकेदार के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, ठेकेदार गोपाल गुप्ता के एक भाई लोक निर्माण विभाग में तैनात हैं। उनकी मदद से गोपाल ठेका मैनेज करता है। कोतवाली का यह काम किसी अन्य व्यक्ति की फर्म के नाम पर लेकर कराया जा रहा था। एएसपी दक्षिणी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड पर नहीं लिखी थी कार्य की लागत
मौके पर पुलिस को निर्माण कार्य का एक बोर्ड लगा मिला है। इसमें कार्य का नाम-मिश्रिख कोतवाली में हाॅस्टल का निर्माण, फर्म का नाम-स्वीकृति कंस्ट्रक्शन, कार्यदायी संस्था-ग्रामीण अभियंत्रण विभाग दर्ज है। अवर अभियंता शिवी पांडेय, सहायक अभियंता राजेंद्र सोनकर, अधिशासी अभियंता ज्ञानेंद्र कुमार दर्ज है, लेकिन पूरे बोर्ड में कार्य की लागत का जिक्र नहीं किया गया है। यह बड़ी लापरवाही है। वैसे पुलिस के मुताबिक, कार्य की लागत एक करोड़ 58 लाख रुपये है।
नहीं मिला सरिया, की थी शिकायत
मौके पर एएसपी ने जब निरीक्षण किया तो पाया कि जिस छज्जे की स्लैब को खोला जा रहा था, उस छज्जे में सरिया ही नहीं था। इंस्पेक्टर शैलेंद्र श्रीवास्तव ने एएसपी दक्षिणी से बताया कि जब निर्माण शुरू हुआ था, तब उन्होंने मौके पर जाकर देखा कि कम सरिया व घटिया सीमेंट का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने अवर अभियंता से लेकर अधिशासी अभियंता तक शिकायत की थी। कुछ दिन काम बंद रहा जो बाद में फिर शुरू हो गया। जिम्मेदारों ने जांच भी नहीं की।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ी भारी
मृतक के परिजनों ने घटना के बाद सीएचसी में हंगामा काटा। बिना सूचना दिए ही मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने का आरोप लगाया। मृतक की पत्नी अंजली ने ठेकेदार गोपाल गुप्ता व अज्ञात लोगों के विरुद्ध तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, सुरक्षा मानकों की अनदेखी का भी आरोप लगाया है।