दुधवा के जंगल से भटककर लहरपुर पहुंचा गैंडा अब आक्रामक होने लगा है। रविवार को उसने दो लोगों पर हमला कर दिया। दोनों घायलों का निजी डॉक्टरों से इलाज कराया गया है। उधर, गैंडा का पीछा कर रही वन विभाग की टीम उसे लखीमपुर खीरी जिले की सीमा में भेजने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हांका लगाने की वजह से वन्यजीव भड़का हुआ है। वहीं रविवार को भी दुधवा से एक्सपर्ट टीम नहीं पहुंच सकी थी।
रविवार सुबह गैंडा लहरपुर के भदफर इलाके के ग्राम लोनियनपुरवा गांव के निकट खेतों में मौजूद था। इसी बीच अचानक गन्ने के खेत से बाहर निकले वन्यजीव को देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इससे गैंडा खेतों में दौड़ लगाने लगा। बताते हैं कि लोनियन पुरवा निवासी फूलचंद्र का पुत्र जयपाल (16) व सुर्सी लाल (45) अपने खेतों में मौजूद थे।
सामने पड़ते ही गैंडे ने दोनों पर हमला बोल दिया। हालांकि वन विभाग व ग्रामीणों ने शोर मचाकर उसे खदेड़ा। इससे दोनों की जान बच गई। दोनों का निजी अस्पताल में इलाज कराया गया है। देर शाम तक गैंडा की लोकेशन हरगांव के ग्राम हजारी पुरवा के निकट खेतों में मिली। यह गांव लखीमपुर जिले की सीमा से सटा हुआ है।
उधर, गांव के निकट गैंडा आने की खबर सुनते ही ग्रामीणों के होश उड़ गए हैं। लोग डरे हुए हैं। वन विभाग के अधिकारी लगातार दूसरे दिन भी दावा कर रहे हैं कि दुधवा से वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम उसे ट्रैंकुलाइज कर दुधवा के जंगल ले जाएंगे, लेकिन रविवार को भी विशेषज्ञ मौके पर नहीं पहुंच सके थे।
देर शाम तक हजारी पुरवा के निकट ही गैंडे की चहलकदमी दिखी। डीएफओ राकेश चौधरी ने बताया कि लखीमपुर की एक्सपर्ट टीम का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच गैंडे को लखीमपुर जिले की तरफ भेजने का प्रयास किया जा रहा है।