रामपुर मथुरा। सरयू नदी का जलस्तर बुधवार को 20 सेंटीमीटर घटकर 118 मीटर पर पहुंच गया। खतरे के निशान 119 मीटर से पानी अब एक मीटर नीचे बह रहा है। पानी घटने के साथ ही तटवर्ती इलाकों में कटान तेज हो गया है। नागेश्वरपुरवा में दो घर नदी की लहरों के निशाने पर हैं। करीब ढाई बीघा कृषि योग्य भूमि कटकर सरयू में समा गई है।
वहीं, तीनों बैराजों से बुधवार को 2.68 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। कटान की भयावहता को देखते हुए तटवर्ती तीन गांवों के करीब 60 परिवार सुरक्षित स्थानों पर शरण ले चुके हैं। इसके बावजूद घर और कृषि योग्य जमीन कटान में खोने की चिंता ग्रामीणों को सता रही है। नागेश्वरपुरवा में सुरेश और अनिल के घर से नदी की लहरें महज पांच से सात मीटर दूर हैं। सुरेश ने बताया कि यदि नदी इसी तरह कटान करती रही तो रात में उनका घर भी सरयू में समा सकता है। वहीं, रामनरेश, रामरूप, रामरंग और राजाराम की करीब-करीब नौ-नौ बिस्वा तथा हीरालाल और शोभाबाई की एक-एक बीघा जमीन कटान की भेंट चढ़ गई। शोभाबाई ने बताया कि बाढ़ और कटान पीड़ितों की तहसील प्रशासन मदद कर रहा है। लेकिन घर और जमीन खोने के बाद हाथ में केवल मुआवजा आएगा। इतने में दोबारा घर बनाना मुश्किल होगा। हालांकि, बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट वितरित करने के साथ ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य तहसील प्रशासन कर रहा है।