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‘कुर्सी’ के लिए सपा के दो खेमों में जंग तय

Mon, 04 Jan 2016 11:01 PM IST
सीतापुर/अमर उजाला ब्यूरो
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जिला पंचायत अध्यक्ष की ‘कुर्सी’ हथियाने को समाजवादी आपस में टकराएंगे। नाम वापसी के बाद इस पद के लिए दो दावेदार बचे हैं। सोमवार को शांति यादव के नामांकन वापसी के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्षी की दौड़ में सीमा गुप्ता और जितेन्द्र यादव ही मैदान में बचे हैं। दोनों उम्मीदवार सत्तारूढ़ सपा से ताल्लुक रखते हैं।
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सपा ने पीसीएफ के पूर्व उपाध्यक्ष शिव कुमार गुप्ता की पत्नी सीमा गुप्ता को पार्टी प्रत्याशी घोषित कर रखा है। जबकि विधायक रामपाल यादव के सियासी उत्तराधिकारी माने जाने वाले उनके बेटे जितेन्द्र यादव निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं। हालांकि पार्टी की हो रही छीछालेदर को देखते हुए बागी जितेन्द्र यादव को सपा से निष्कासित और विधायक रामपाल यादव को विधायक दल की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है।

जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनावी कार्यक्रम घोषित होने के बाद से सपा में अंदरूनी कलह शुरू हो गई थी। जिले के सबसे ताकतवर विधायक माने जाने वाले रामपाल यादव अपने पुत्र जितेन्द्र की ताजपोशी की जोर आजमाइश में जुटे हुए थे। जबकि परिवार के चार जिपं सदस्य जिताकर पीसीएफ के पूर्व उपाध्यक्ष शिव कुमार गुप्ता भी सशक्त दावेदारी कर रहे थे। शिव कुमार गुप्ता अपनी पत्नी सीमा गुप्ता को टिकट दिलाने में कामयाब हो गए।
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पार्टी हाईकमान के इस ऐलान ने विधायक रामपाल यादव को करारा झटका दिया। नतीजतन कई नाटकीय घटनाक्रम में दोनों खेमों के बीच सिर फुटौव्वल भी हुआ। सोमवार को शांति यादव ने अपना परचा वापस ले लिया। जिसके बाद यह चुनावी जंग सीमा गुप्ता और जितेन्द्र यादव के बीच सिमट गई है। दोनों ही उम्मीदवारों के सत्तारूढ़ दल सपा से जुड़े होने की वजह से मुकाबला बेहद रोमांचक दौर में पहुंच गया है।

जितेन्द्र बर्खास्त तो रामपाल विधानमंडल दल से निलंबित
सोमवार को नाटकीय घटनाक्रम के दौरान सपा के जिला सचिव जितेन्द्र यादव को पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया। दूसरी तरफ विधायक रामपाल यादव को विधानमंडल दल की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। दरअसल, नाम वापसी की निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी जब सपा के जिला सचिव और विधायक रामपाल यादव के बेटे जितेन्द्र ने परचा वापस नहीं लिया तो संगठन के सामने इधर कुंआ उधर खाईं वाले हालात आ खड़े हुए। पार्टी की छीछालेदर भी खूब हो रही थी। आखिर सपा प्रवक्ता अमर ज्योति शुक्ल की ओर से जारी बयान में जितेन्द्र को जिला संगठन से बर्खास्त किए जाने की जानकारी दी गई।

वफादारी पार्टी के प्रति या बागी खेमे की!
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में संगठन पदाधिकारी पार्टी के प्रति किस कदर वफादार हैं, इसकी ताजा मिसाल जितेन्द्र यादव को बर्खास्त किए जाने पत्र का लेटर पैड है। कायदे से जिलाध्यक्ष को यह कार्रवाई करनी थी। लेकिन पार्टी के बजाय बागी खेमे के वफादार जिलाध्यक्ष शमीम कौसर सिद्दीकी यह कार्रवाई भी न कर सके। इस कार्रवाई को नाटकीय बनाते हुए जिला प्रवक्ता अमर ज्योति को जरिया बनाया गया। जिला प्रवक्ता के लेटर पैड पर जारी बयान में कार्रवाई की बात कहते हुए पार्टी हाईकमान को सूचित करने का ब्योरा दिया गया है।

आज आएंगे प्रेक्षक
स्वतंत्र व निष्पक्ष मतदान कराने के लिए चुनाव आयोग ने विशेष सचिव सिंचाई सीबी सिंह को सीतापुर का प्रेक्षक नियुक्त किया है। एडीएम सर्वेश कुमार ने बताया कि प्रेक्षक मंगलवार को जिले में पहुंचेंगे। चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न होने तक प्रेक्षक जिले में ही मौजूद रहेंगे।

कलेक्ट्रेट सभागार में सात जनवरी को होगा मतदान
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सात जनवरी को मतदान होना है। सुबह 11 बजे से सायं 3 बजे तक कलेक्ट्रेट सभागार में मतदान होगा। मतदान के फौरन बाद मतगणना की जाएगी। प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीएम डॉ. इंद्र्रवीर सिंह ने बताया कि मतदाताओं को अपने साथ प्रमाण पत्र व पहचान पत्र लाना अनिवार्य होगा। फोटो युक्त निर्वाचक नामावली से मिलान के बाद ही मतदान करने दिया जाएगा। निरक्षर व बीमार मतदाताओं को आयोग के निर्देशानुसार सहयोगी मिल सकेंगे।

अफसर भी नजर आ रहे बेहद सतर्क
जिपं अध्यक्षी के लिए सत्तापक्ष में ही मची उठा-पटक देख चुनावी प्रक्रिया में जुटे अफसर भी फूं क-फूंक कर कदम रख रहे हैं। सोमवार को शांति यादव जब अपना परचा वापस लेने आई तो दस्तावेज पर वह पहले से ही हस्ताक्षर कर चुकी थीं। इस पर डीएम डॉ. इंद्र्रवीर सिंह ने शांति यादव से दोबारा अपने सामने हस्ताक्षर करवाए। फिर हस्ताक्षरों का बारीकी से मिलान करने के बाद ही प्रक्रिया पूरी की।
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