जनपद न्यायाधीश विकास कुंवर श्रीवास्तव ने हत्या के प्रयास के एक मामले में दो सगे भाइयों को सात-सात साल के सश्रम कारावास व दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता रघुवीर यादव ने की।
इमलिया सुल्तानपुर में ग्राम भगवंतपुर निवासी यदुनाथ व उनके परिवार वालों पर जान लेने की नियत से की गई फायरिंग में पड़ोसी सुधांशु व देवेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। तीन अप्रैल 2002 की रात हुई इस वारदात में यदुनाथ, उनकी पत्नी जानकी व भाई वीरेंद्र को चोटें आईं थीं।
मामले में सुधांशु व देवेंद्र के अलावा दो चचेरे भाई भी नामजद हुए थे। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों को घटना का दोषी करार दिया और उन्हें सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास व दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। बाकी दो आरोपियों विनय व ओमप्रकाश के फरार हो जाने के कारण उनके विरूद्ध मामला अभी भी निचली अदालत में विचाराधीन है।