सीतापुर। करीब 12 साल पुराने जानलेवा हमले के प्रयास (धारा 308, आपराधिक मानव वध का प्रयास) के मामले में जिला जज मनोज कुमार ने दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों को दोषी करार दिया है। तीनों अभियुक्तों को पांच-पांच साल की सजा और नौ-नौ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। नामजद किए गए चार लोगों को बरी भी कर दिया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता प्रशांत शुक्ला और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गौरव मिश्र ने बताया कि 23 मई 2011 को महोली के बड़ा गांव निवासी हरिवंश सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसका पुत्र सुरजीत गांव में भैंस चरा रहा था।
इसी दौरान चुनावी रंजिश में गांव निवासी नागेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अभय प्रताप सिंह, राजेश सिंह, विवेक सिंह, आशीष सिंह, राहुल सिंह ने सुरजीत पर अवैध असलहों और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया।
जानकारी पर हरिवंश, भूरे सिंह और मुन्ना सिंह भी बीच-बचाव करने पहुंच गए। घटना में सुरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि भूरे और मुन्ना भी घायल हुए।
पूरे मामले की सुनवाई करने के बाद जिला जज मनोज कुमार ने नागेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह और अभय प्रताप सिंह को दोषी करार दिया। इनमें नागेंद्र और धर्मेंद्र सगे भाई हैं। तीनों को पांच-पांच साल की सजा के साथ ही नौ-नौ हजार रुपये का जुर्माना भी सुनाया गया है। रत्नेश सिंह, विवेक सिंह, आशीष सिंह और राहुल सिंह को बरी कर दिया गया है।