सहायक अध्यापकों के पद पर समायोजित किए गए शिक्षामित्रों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से स्कूलों में तालाबंदी की नौबत आ गई है। नाराज समायोजित अध्यापक व शिक्षामित्रों के हड़ताल पर चले जाने से बुधवार को जिले के 25 फीसदी परिषदीय स्कूलों में ताले लटकते रहे।
बच्चे स्कूल पहुंचे और तालाबंदी देख खेल-कूद कर वापस लौट गए। शिक्षामित्र एसोसिएशन ने गुरुवार से शत-प्रतिशत स्कूलों में तालाबंदी की चेतावनी दी है। जिले में 3077 परिषदीय स्कूल हैं, इनमें 2286 शिक्षामित्रों को समायोजित कर सहायक अध्यापक बना दिया गया था।
सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन के लिए इन शिक्षामित्रों ने पहले अपने पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद इनका समायोजन किया गया था। अब सुप्रीमकोर्ट ने इन्हें सहायक अध्यापक मानने से इंकार कर दिया है। इस फैसले से जिले के 2286 समायोजित सहायक अध्यापक अधर में अटक गए हैं।
शिक्षामित्र भी वह रहे नहीं और सहायक अध्यापक भी इन्हें माना नहीं जा रहा है। इससे नाराज समायोजित सहायक अध्यापक बुधवार से हड़ताल पर चले गए। हड़ताल की वजह से जिले के 25 फीसदी परिषदीय विद्यालयों में ताला लटकता रहा।
रोजाना की तरह बच्चे तो सुबह स्कूल पहुंचे, लेकिन अध्यापकों के न आने व स्कूल बंद देख वह खेल-कूद में मगन हो गए। काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब स्कूलों में ताला ही लटकता रहा तो मायूस होकर बच्चे वापस लौट गए। हड़ताल से शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
वहीं शिक्षामित्र एसोसिएशन के अध्यक्ष बनवारी लाल गौतम ने सुप्रीम कोर्ट का फैसले को समायोजित सहायक अध्यापकों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाला बताया है। उन्होंने गुरुवार से जिले के शत-प्रतिशत परिषदीय स्कूलों में तालाबंदी का एलान किया है।