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Sitapur News: ट्रंप के टैरिफ से प्रभावित होगा दरी कारोबार, बुनकरों को यूरोपीय देशों से उम्मीद

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सीतापुर में दरी बनाते बुनकर। - फोटो : सीतापुर में दरी बनाते बुनकर।
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खैराबाद (सीतापुर)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के आयात पर 27 अगस्त से 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। अब तक 25 फीसदी टैरिफ लागू है। टैरिफ में इजाफे का असर सीतापुर के दरी उद्योग पर पड़ रहा है। करोड़ों के ऑर्डर डंप हैं। भविष्य में मिलने वाले ऑर्डर कैंसिल होने की आशंका बढ़ गई है। हांलाकि, दरी निर्यातकों को भरोसा है कि भारत सरकार पर कोई विकल्प तलाश लेगी। निर्यातकों ने टैरिफ लगने से अमेरिका में भी महंगाई बढ़ने का दावा किया है। इसके अलावा यूरोपीय देशों व रूस से व्यापारिक संबंध मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है।
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दरअसल, सीतापुर में हाथ से बनी डिजायनर दरियों की मांग विदेशों में खूब है। यहां छह निर्यातक विदेशों को दरी भेजते हैं। दरी व कारपेट के विदेशों मे निर्यात पर गौर करें तो 2024-25 मे 73.36 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। इसमें से 75 प्रतिशत कारोबार केवल अमेरिका से हुआ था। ऐसे में 50 प्रतिशत टैरिफ लगने से दरी कारोबार सीधे तौर पर प्रभावित होगा। इसका असर लाखों बुनकरों और हजारों मजदूरों पर भी पड़ेगा। हांलाकि, निर्यातक इसे अमेरिका के लिए भी सही नहीं मान रहे हैं। हाफिजिया आर्ट एंड क्राप्ट प्राइवेट लिमिटेड के संचालक व एक्सपोर्टर हाफिज मोहम्मद अकरम कहते हैं कि भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी से हम डरने वाला नही हैं। टैरिफ अमेरिका के नागरिकों को भी प्रभावित करेगा। वह महंगाई से जूझेंगे। उन्होंने बताया कि हम लोग अमेरिका से सिर्फ पांच से सात प्रतिशत मुनाफे पर काम करते हैं। इकलौता भारत देश है जो हाथ से निर्मित दरी, कारपेट व अन्य चीजे विदेशों में सस्ती दरों पर निर्यात करता है। इतना सस्ता कोई देश नही दे सकता। जिन्हें पसंद हैं, जश्रत है वह खरीदेंगे। ऐसे में 50 प्रतिशत टैरिफ लगने से अमेरिका में महंगाई चरम पर पहुंच जाएगी। हालांकि, इसका असर भारत के निर्यातकों पर भी पड़ सकता है।बाक्स

40 करोड़ के आर्डर अधर में अटके

स्टालियन होम फैशन के संचालक सुनील मिश्रा कहते हैं कि अमेरिका ने टैरिफ लगाकर अरमानों पर पानी फेर दिया है। 10 करोड़ के आर्डर डंप हैं। अमेरिका से लगभग 18 करोड़ रुपये का पिछले वर्ष व्यापार हुआ था। इस बार एक ही ग्राहक ने 53 सैम्पल पास करके 40 करोड़ का आर्डर देने की बात कही थी। यह ऑर्डर अधर में अटकता नजर आ रहा है। सुनील ने कहा कि उम्मीद है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोई रास्ता अवश्य निकालेंगे। इसके अलावा अब हमने अमेरिका की तरफ से ध्यान हटाकर यूरोपीय देशों व रूस से व्यापारिक संबंध मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है।
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हस्तनिर्मित दरियों के प्रयोग की अपील
सीतापुर हैंडलूम दरी एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष इस्तियाक हुसैन ने लोगों से हस्तनिर्मित दरियां खरीदने की अपील की है। कहा कि अमेरिका को जवाब देना है तो सभी भारतीयों को मशीन से बनी चीजों का बहिष्कार करना होगा। हस्तनिर्मित दरियों व कारपेट को लोग खरीदें। सरकार भी इसका ख्याल रखे कि हस्तनिर्मित उत्पादों को बढ़ावा मिले। तभी अमेरिका के टैरिफ का जवाब और दरी उद्योग को संकट से बाहर निकाला जा सकता है।
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