नेरी उपकेंद्र की ट्रॉली जलने से बुधवार को पांच उपकेंद्रों से जुड़े करीब एक हजार गांव अंधेरे में डूबे हैं। मंगलवार को फुंकी ट्रॉली को बुधवार शाम तक सही नहीं किया जा सका था। इससे यहां के 60 हजार लोग प्रभावित हुए। हालांकि पावर कॉर्पोरेशन के अफसर क्षतिग्रस्त ट्रॉली को दुरुस्त करने में जुटे हैं।
नेरी उपकेंद्र के अधीन पांच फीडर आते हैं। यहां से करीब एक हजार गांवों को सप्लाई दी जाती है। मंगलवार को अचानक नेरी उपकेंद्र की ट्रॉली में आग लग गई। आग लगते ही आपूर्ति ठप हो गई। इससे इस उपकेंद्र के अधीन आने वाले पिसावां, बरगांवा, बडागांव, कैमहरा, मैगलगंज उपकेंद्रों की बिजली गुल हो गई।
लोगों ने समझा लोकल फाल्ट है लेकिन जब काफी देर तक बिजली नहीं आई तो लोगों ने अधिकारियों को फोन किया। पता चला कि उपकेंद्र की ट्रॉली जल गई है। जिस कारण बिजली आने में काफी समय लगेगा। पूरा नेरी उपकेंद्र ठप होने से लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
बुधवार को भीषण गर्मी में बिजली गुल होने से लोग परेशान दिखे। लोगों ने बताया कि एसडीओ विजेंद्र सिंह व अवर अभियंता लालजी सोनकर का सीयूजी नंबर बंद थे। इससे सही जानकारी नहीं मिली।