सीतापुर जिला अस्पताल में बेड न मिलने से फर्श पर चल रहा इलाज।
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जिले में स्वास्थ्य महकमे की सेहत बिगड़ती नजर आ रही है। हालत ये है कि खुद जिला अस्पताल बीमार नजर आ रहा है। मरीजों की भरमार है। ऐसे में अस्पताल में मरीजों के लिए बेड कम पड़ गए हैं। वहीं मरीजों को लाने व ले जाने के लिए स्ट्रेचर की भी मारामारी है।
बुधवार को जिला अस्पताल का हाल ये था कि तीमारदार मरीजों को गोद में लेकर या फिर पैदल ही इमरजेंसी से लेकर वार्ड की तरफ जा रहे थे। वार्ड में भर्ती मरीज भी ढंग से इलाज न होने की शिकायत कर रहे थे। जिला अस्पताल गेट पर महोली के ग्राम कुसैला निवासी मन्नू की पत्नी सर्वेशा देवी (35) फर्श पर पड़ी इलाज की राह ताक रही थीं।
परिवार ने बताया कि वह भर्ती हैं, लेकिन देखरेख नहीं हो रही है। जिसकी वजह से वे सर्वेशा को लेकर किसी प्राइवेट अस्पताल में जाने की तैयारी कर रहे हैं। करीब ही इमलिया सुल्तानपुर के ग्राम जगना निवासी राजाराम की पत्नी कैलाशा देवी फर्श पर दर्द से छटपटा रही थी।
परिवार ने बताया कि अस्पताल में भीड़ बहुत है, जिसकी वजह से वे चिकित्सक तक नहीं पहुंच पाए। सुबह से इंतजार कर रहे हैं, कब भीड़ कम हो, तब वे डॉक्टर को मरीज दिखाएं। ठीक इसी तरह से संजय, विनीता, सर्वेंश्वरी, रानी, रीता, वंदना आदि परेशान नजर थीं। कोई खुद बीमार था तो कोई मरीज को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा था।
इमरजेंसी में गंभीर रोगों के मरीजों की भरमार थी। चिकित्सक भर्ती करने के बाद मरीजों को वार्ड में शिफ्ट कर रहे थे। ऐसे में रोगियों को इमरजेंसी से वार्ड तक जाने के लिए स्ट्रेचर तक नसीब नहीं हो रहे थे। अस्पताल में हर तरफ अव्यवस्था और परेशान मरीज नजर आ रहे थे।