सीतापुर। रेलवे बोर्ड से हरी झंडी नहीं मिलने से सीतापुर-लखीमपुर के मध्य रेल संचालन फिलहाल अब दूर की कौड़ी लग रहा है। अभी इस रूट पर रेल का सफर करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
सीआरएस के बाद भी दो बार आला अफसरों की टीमें रेल ट्रैक का निरीक्षण कर चुकी हैं। ट्रैक कंपलीट होने का दावा भी किया गया।
जल्द रेल संचालन चालू होने का आश्वासन भी अफसरों ने दिया। पर निरीक्षणों की हैट्रिक के एक पखवाड़े बाद तक रेल संचालन शुरू होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं।
विभागीय अफसरों तक को रेल संचालन शुरू होने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इन हालातों में फिलहाल दो-तीन महीने तक इस रूट पर रेल संचालन होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
लखनऊ से मैलानी तक आमान परिवर्तन के लिए 2016 में इस रूट पर रेल संचालन बंद कर दिया गया था। पहले चरण में लखनऊ से सीतापुर के बीच मई जबकि दूसरे चरण में सीतापुर से मैलानी तक अक्तूबर 2016 में रेल यातायात पर ब्रेक लगा दिया गया था।
इसके बाद लखनऊ (ऐशबाग) से पीलीभीत के बीच 207 किमी. बिछाई गई मीटर गेज की लाइनों को ब्रॉडगेज में बदलने की जिम्मेदारी रेलवे ने रेल विकास निगम (आरवीएनएल) को सौंपी थी।
दो चरणों में आमान परिवर्तन का काम शुरू भी कर दिया गया। पहले चरण में ऐशबाग से सीतापुर के बीच 80 किलोमीटर रेलखंड का आमान परिवर्तन करीब 350 करोड़ की लागत से शुरू हुआ।
इसके बाद सीतापुर से मैलानी के बीच 67 किलोमीटर रेलखंड के आमान परिवर्तन का काम करीब 211 करोड़ से शुरू किया गया।
लखनऊ से सीतापुर के बीच काम पूरा होने पर जनवरी 2019 में बड़ी लाइन की ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा चुका है। जबकि सीतापुर से लखीमपुर होते हुए मैलानी तक रेल संचालन अब तक शुरू नहीं किया जा सका है।
मार्च 2019 में सीतापुर-लखीमपुर रेलवे ट्रैक का सीआरएस किया गया। सीआरएस के एक माह बाद तक जब रेल संचालन चालू नहीं कराया जा सका तो 4 जून को पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य अभियंता एसके पांडेय ने यहां पहुंचकर ट्रैक की गुणवत्ता परखी और जून के अंत तक रेल संचालन शुरू किए जाने का दावा किया।
इस बार भी रेल नहीं दौड़ाई जा सकी। जून माह के अंतिम सप्ताह में एक बार फिर रेलवे अफसरों ने ट्रैक व स्टेशनों का निरीक्षण किया। अफसरों की टीम ने इस बार माना कि ट्रैक तो कंपलीट है पर स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का अभाव है। हालांकि जल्द रेल संचालन शूरू होने का दावा इस बार भी किया गया।
जून माह बीतने को है पर रेल दौड़ाने की कोई सुगबुगाहट फिलहाल नजर नहीं आ रही है। विभागीय अफसर रेलवे बोर्ड से अनुमति नहीं मिलने का हवाला दे रहे हैं। संचालन बि तक चालू होगा इस संबंध में कुछ भी बता पाने में असमर्थता व्यक्त कर रहे हैं। ऐसी दशा में सीतापुर से लखीमपुर के बीच रेल के सफर का फिलहाल लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
मालगाड़ी दौड़ने के बाद भी स्थिति साफ नहीं
ट्रायल के तौर पर हाल में ही खीरी हाल्ट से एफसीआई का गेहूं लेकर एक मालगाड़ी जलपाई गुड़ी के लिए रवाना की गई थी। फिर 27 जून तक पांच मालगाड़ियां गेंहू जबकि दो शीरे की मालगाड़ी विभिन्न गतंव्यों के लिए रवाना की गई। मालगाड़ी के सफलता पूर्वक संचालन के बाद भी सवारी गाड़ी दौड़ाने की लाइन फिलहाल क्लीयर नहीं है।
सीतापुर से लखीमपुर रूट पर ट्रेन संचालन शुरू कराए जाने को लेकर रेलवे बोर्ड से आदेश नहीं मिला है। कब तक संचालन शुरू होगा यह बोर्ड ही तय करेगा। आदेश मिलते ही रेल संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
-आलोक श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी डीआरएम