जाको राखे साइयां मार सके न कोई...। बहराइच निवासी लक्ष्मण ने अपनी सूझबूझ व हौसले से कुछ इसी अंदाज में मौत को मात दी है। वह काम के सिलसिले में गोंडा से ट्रेन में सवार होकर दिल्ली जा रहा था।
सरैंया स्टेशन से कुछ आगे ट्रेन छूटने के बाद वह वापस पटरियों के सहारे स्टेशन की ओर चल दिया। इसी बीच अचानक ट्रेन सामने देख वह सांस रोककर पटरियों के बीच में ही लेट गया और ट्रेन उसके ऊपर से गुजर गई लेकिन उसे खरोंच तक नहीं आई, जिसने भी यह सुना वह दंग रह गया।
पड़ोसी गांव के लोगों ने युवक को सीएचसी पर भर्ती कराया। डाॅक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बहराइच के कोतवाली देहात नरसापुर मजरे हरिहरपुर निवासी लक्ष्मण (22) पुत्र सतेश्वर सिंह ने बताया कि वह काम की तलाश में 26 अक्तूबर को दिल्ली जाने के लिए निकला था।
गोंडा से आबिदा एक्सप्रेस पर सवार हुआ था। किन्हीं कारणों से सरैंया में उसकी गाड़ी छूट गई। अंजान जगह गाड़ी छूटने पर परेशान लक्ष्मण जिधर से गाड़ी आई थी उसी दिशा में पटरियों के बीच चलने लगा।
बाबूपुर-सरैंया के बीच अचानक सामने से एक रेलगाड़ी आती दिखाई दी। रात के अंधेरे में कुछ न सूझने पर वह पटरियों के बीच ही लेट गया। इस दौरान गाड़ी ऊपर से गुजर गई।
रेल पटरी के बीच युवक को पड़ा देख तत्काल ट्रेन चालक ने सरैंया स्टेशन पर इसकी सूचना दी। ट्रेन गुजरने के बाद लक्ष्मण ने शोर मचाया तो ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
उसे सीएचसी पहला में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे रामपुर कलां की सरैया पुलिस चौकी के सुपुर्द कर दिया। स्टेशन अधीक्षक सरैंयाशिव पाल सिंह ने बताया िक युवक के घरवालों को खबर दे दी गई है।